डॉ. साहू ने कहा कि इस योजना के माध्यम से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर निरंतर रोजगार उपलब्ध हो रहा है, जिससे न केवल परिवारों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि गांवों में आजीविका सशक्तिकरण और आधारभूत संरचनाओं के विकास को भी नई गति मिल रही है। उन्होंने श्रमिकों से कार्यों की गुणवत्ता, मजदूरी भुगतान, कार्यस्थल पर उपलब्ध सुविधाओं तथा सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की।
निरीक्षण के दौरान डॉ. साहू ने बताया कि व्हीबी रामजी योजना के तहत रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिनों तक विस्तारित किया गया है। उन्होंने इसे ग्रामीण परिवारों के लिए एक सशक्त आश्वासन बताते हुए कहा कि यह विस्तार केवल रोजगार के दिनों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन दिनों में कराए जाने वाले कार्यों को अधिक उपयोगी, टिकाऊ और परिणाम-उन्मुख बनाने पर केंद्रित है। इससे ग्रामीण श्रमिकों को न केवल अधिक आय का अवसर मिलेगा, बल्कि उनके श्रम से निर्मित परिसंपत्तियां आने वाली पीढ़ियों के लिए भी लाभकारी सिद्ध होंगी।
उन्होंने कहा कि जिला पंचायत का निरंतर प्रयास है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक गांव आत्मनिर्भर एवं सशक्त बने। निरीक्षण के दौरान डॉ. साहू ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जिला पंचायत उनकी समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं तथा अपने आसपास के अन्य लोगों को भी इस योजना के प्रति जागरूक करें।
डॉ. साहू ने विशेष रूप से बताया कि आदिवासी एवं वनांचल बहुल क्षेत्रों में, जहां आजीविका का गहरा संबंध प्रकृति और स्थानीय संसाधनों से है, यह मॉडल ग्रामीण जीवन को स्थायित्व प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। जल संरचनाओं के निर्माण से सिंचाई क्षमता में वृद्धि, बेहतर सड़कों से बाजार तक आसान पहुंच तथा आजीविका-संबंधी परिसंपत्तियों के निर्माण से स्थानीय स्तर पर नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि व्हीबी रामजी के माध्यम से रोजगार आधारित योजनाओं का यह पुनर्गठन एमसीबी जिला जैसे क्षेत्रों के लिए केवल एक योजना सुधार नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की सोच में आया सकारात्मक और दूरगामी परिवर्तन है। राज्य सरकार, जिला प्रशासन और ग्राम पंचायतों के समन्वित प्रयासों से यह पहल रोजगार गारंटी के साथ-साथ टिकाऊ आजीविका का सशक्त मॉडल बन सकती है।
इस अवसर पर सरपंच रामनाथ मोहिले, जनपद सदस्य प्रतिनिधि तामेश्वर साहू, मंडल उपाध्यक्ष उरेन्द्र साहू, मोर्चा अध्यक्ष अस्वन साहू, ढालेन्द्र साहू, मंत्री साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को योजनाओं से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर गांव की दिशा में ठोस कदम बढ़ाना रहा।