बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस का विरोध, जनता पर अतिरिक्त बोझ का आरोप
प्रदेश कांग्रेस ने बिजली दरों में हालिया वृद्धि का विरोध करते हुए इसे आम उपभोक्ताओं, किसानों और छोटे व्यवसायियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया है। पार्टी ने स्मार्ट मीटर, बढ़े हुए बिजली बिल और दर वृद्धि को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में वृद्धि को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस ने बिजली की नई दरों का विरोध करते हुए राज्य सरकार पर आम जनता, किसानों और छोटे व्यवसायियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगाया है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने जारी बयान में कहा कि बिजली दरों में हालिया बढ़ोतरी से घरेलू, गैर-घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ेगा। उनके अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट दरों में वृद्धि की गई है, जबकि गैर-घरेलू श्रेणी और कृषि पंपों के लिए भी अतिरिक्त शुल्क लागू किया गया है।
कांग्रेस का दावा है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में बिजली दरों में कई बार बढ़ोतरी की जा चुकी है, जिससे उपभोक्ताओं की मासिक खर्चों में लगातार वृद्धि हुई है। पार्टी का कहना है कि महंगाई के दौर में बिजली जैसी आवश्यक सेवा की कीमत बढ़ाना आम लोगों के लिए अतिरिक्त आर्थिक दबाव पैदा करेगा।
सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि राज्य के अनेक उपभोक्ता पहले से ही बढ़े हुए बिजली बिलों की समस्या का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि हाल के महीनों में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को सामान्य से अधिक बिजली बिल प्राप्त हुए हैं, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ा है। कांग्रेस ने बिजली विभाग की बिलिंग प्रक्रिया और उपभोक्ताओं को भेजे जा रहे बिलों की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए हैं।
पार्टी ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। कांग्रेस का आरोप है कि कई उपभोक्ताओं ने बिजली खपत और बिल राशि में असामान्य वृद्धि की शिकायतें दर्ज कराई हैं। साथ ही यह भी दावा किया गया है कि कुछ मामलों में उपभोक्ताओं की सहमति के बिना अनुबंधित भार क्षमता बढ़ाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।
कांग्रेस ने बिजली बिल हाफ योजना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के बंद होने के बाद उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ा है। पार्टी का आरोप है कि बिजली दर वृद्धि, स्मार्ट मीटर और अन्य शुल्कों के कारण आम परिवारों का मासिक बजट प्रभावित हो रहा है।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में लोग बिजली आपूर्ति और बिलिंग दोनों से संबंधित समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने और बढ़ी हुई दरों पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
कांग्रेस का कहना है कि बिजली जैसी मूलभूत सेवा को आम लोगों की पहुंच में बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। पार्टी ने सरकार से उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान करने, बिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और बिजली दरों में वृद्धि के फैसले की समीक्षा करने का आग्रह किया है।
हालांकि, इस प्रेस विज्ञप्ति में राज्य सरकार या विद्युत विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया शामिल नहीं है। बिजली दरों, बिलिंग व्यवस्था और स्मार्ट मीटर संबंधी दावों की पुष्टि संबंधित विभागों के आधिकारिक आंकड़ों और नियामकीय दस्तावेजों के आधार पर ही की जा सकती है। फिलहाल यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति और जनचर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।