खाद-बीज दुकानों पर कलेक्टर गोपाल वर्मा की सख्ती, तय कीमत से अधिक वसूली पर होगी कार्रवाई
कवर्धा जिले के बोड़ला विकासखंड के पोड़ी क्षेत्र में कलेक्टर गोपाल वर्मा ने खाद-बीज दुकानों का औचक निरीक्षण कर किसानों से सीधे संवाद किया। उन्होंने दुकानदारों को निर्धारित दरों पर खाद-बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए और अधिक कीमत वसूलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। साथ ही नैनो डीएपी, नैनो यूरिया एवं जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव l खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद और बीज निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी क्रम में कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बोड़ला विकासखंड के पोड़ी क्षेत्र स्थित खाद-बीज दुकानों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने किसानों से सीधे बातचीत कर खाद की उपलब्धता, गुणवत्ता और कीमतों के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को शासन द्वारा निर्धारित दरों पर ही खाद और बीज उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी दुकान में निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर खाद या बीज बेचने की शिकायत मिलती है तो संबंधित दुकान संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कलेक्टर ने पोड़ी स्थित माँ शीतला कृषि केंद्र और वल्लभ कृषि केंद्र का निरीक्षण कर विभिन्न उर्वरकों एवं बीजों के उपलब्ध स्टॉक की जानकारी ली। उन्होंने दुकानदारों को निर्देशित किया कि खाद-बीज की कीमतों की सूची दुकान में प्रमुख स्थान पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए, ताकि किसानों को सही और पारदर्शी जानकारी मिल सके।
इस दौरान किसानों को आधुनिक और किफायती कृषि तकनीकों के उपयोग के लिए भी प्रेरित किया गया। कलेक्टर ने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने बताया कि जिले के कई किसानों ने पिछले वर्ष इन उर्वरकों का सफलतापूर्वक उपयोग किया है। उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरक लागत कम करने के साथ-साथ फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में भी सहायक साबित हो रहे हैं।
कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक लाभ को ध्यान में रखते हुए उन्होंने किसानों से हरी खाद और जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की। उनका कहना था कि जैविक विकल्पों के अधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है और खेती अधिक टिकाऊ बनती है।
कलेक्टर ने कृषि विभाग के अधिकारियों को जिले की सभी निजी खाद-बीज दुकानों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों से अधिक कीमत वसूले जाने या अन्य अनियमितताओं की शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
खाद-बीज विक्रय व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की ड्यूटी भी लगाई जाएगी। ये अधिकारी निजी दुकानों की नियमित मॉनिटरिंग करेंगे और किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान में सहयोग प्रदान करेंगे। साथ ही कृषि विभाग को मॉनिटरिंग व्यवस्था की नियमित समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए हैं।