जिला अस्पताल पहुंचे कलेक्टर गोपाल वर्मा, मरीजों से लिया फीडबैक; मेडिकल कॉलेज तैयारियों का किया निरीक्षण
कवर्धा जिला अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान कलेक्टर गोपाल वर्मा ने मरीजों से स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर फीडबैक लिया और अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अटल आरोग्य लैब, आभा पंजीयन केंद्र, आईसीयू और प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मानसून पूर्व आवश्यक स्वास्थ्य तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लेने के लिए कलेक्टर गोपाल वर्मा ने शुक्रवार को जिला चिकित्सालय कवर्धा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न विभागों का अवलोकन कर मरीजों और उनके परिजनों से सीधे संवाद किया तथा स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर फीडबैक प्राप्त किया।
कलेक्टर ने आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) पंजीयन केंद्र, ओपीडी, जनरल वार्ड, पर्ची काउंटर, आईसीयू और पैथोलॉजी लैब सहित विभिन्न इकाइयों का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं, मरीजों को मिलने वाली सेवाओं और भविष्य की तैयारियों के बारे में विस्तृत जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान जिला अस्पताल परिसर स्थित अटल आरोग्य लैब का भी अवलोकन किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डी.के. तुर्रे ने बताया कि लैब में वर्तमान में 134 प्रकार की जांचें निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस सुविधा से जिले के हजारों मरीजों को राहत मिल रही है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि इस महत्वपूर्ण सुविधा की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जाए ताकि जरूरतमंद नागरिक इसका लाभ उठा सकें।
कलेक्टर ने आभा पंजीयन केंद्र में पंजीयन कराने आए हितग्राहियों से चर्चा कर उनकी प्रतिक्रिया जानी। अधिकारियों ने बताया कि आभा पंजीयन के मामले में कबीरधाम जिला प्रदेश के शीर्ष 10 जिलों में शामिल है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार आभा प्रणाली के माध्यम से मरीजों का डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है, जिससे इलाज की प्रक्रिया अधिक सरल और प्रभावी बनती है।
आगामी मानसून को देखते हुए कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु में फैलने वाली मौसमी बीमारियों, आपातकालीन स्थितियों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके लिए आवश्यक दवाओं, उपकरणों और पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता बनाए रखने पर जोर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल में भर्ती ग्राम सरोधा निवासी कार्तिक राम झरिया से चर्चा की। झरिया ने बताया कि सड़क दुर्घटना में पैर में फ्रैक्चर होने के बाद उन्हें जिला अस्पताल में बेहतर उपचार मिला और अब उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है। इसके अलावा सिकल सेल बीमारी से संबंधित दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने आए एक हितग्राही से भी चर्चा कर संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने मेडिकल कॉलेज टीम के संभावित भ्रमण से पहले सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से आईसीयू वार्ड सहित अन्य अधोसंरचनात्मक कार्यों को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के हजारों लोगों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। इसलिए प्रत्येक मरीज को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिला अस्पताल को आधुनिक और सुविधायुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकें।