गरियाबंद दौरे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, किसानों के लिए सख्त निर्देश और सुपेबेड़ा के लिए 7 करोड़ की सौगात
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के तहत गरियाबंद का दौरा कर रायपुर संभाग के पांच जिलों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने, अवैध रेत उत्खनन पर कार्रवाई और सुपेबेड़ा में पेयजल समस्या के समाधान के लिए 7 करोड़ रुपये के एनिकेट निर्माण की स्वीकृति सहित कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
UNITED NEWS OF ASIA. राधे पटेल, गरियाबंद l सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को गरियाबंद जिले का दौरा कर प्रशासनिक अधिकारियों की मैराथन समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने किसानों, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और कानून-व्यवस्था सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान गरियाबंद को कई महत्वपूर्ण घोषणाओं और विकास कार्यों की सौगात भी मिली।
मुख्यमंत्री का आगमन गरियाबंद के पुलिस ग्राउंड स्थित हेलीपैड पर हुआ, जहां स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में रायपुर संभाग के पांच जिलों—रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, बलौदाबाजार और महासमुंद के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। करीब साढ़े तीन घंटे तक चली बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
बैठक में मुख्यमंत्री ने किसानों से जुड़े मुद्दों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी किसान को खाद और बीज की कमी का सामना नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है। साथ ही छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर लाभ पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कृषि अधिकारियों को गांव-गांव जाकर किसानों को नैनो उर्वरक और यूरिया के उपयोग एवं उसके लाभों की जानकारी देने को कहा। उनका कहना था कि आधुनिक कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर उत्पादन क्षमता में वृद्धि की जा सकती है।
अवैध रेत उत्खनन के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध खनन और परिवहन के मामलों में तत्काल कार्रवाई की जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त न किया जाए।
बैठक की सबसे महत्वपूर्ण घोषणा सुपेबेड़ा क्षेत्र के लिए रही। लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहे इस क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री ने तेल नदी में एनिकेट निर्माण हेतु 7 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की। इस परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र के लोगों को पेयजल समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा बैठक में जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा व्यवस्था और धान उठाव की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान कार्ड बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण उपचार भी मिलना चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित तकनीकों के उपयोग पर जोर देते हुए विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी दूर करने के उपाय करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 मई से 10 जून तक चल रहे सुशासन तिहार अभियान के तहत प्रदेश के 31 जिलों का दौरा किया जा चुका है। समाधान शिविरों के माध्यम से आम जनता की समस्याओं का मौके पर निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निरंतर फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए।