विकसित भारत जी राम जी उद्यान योजना से ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार, कबीरधाम में 30 स्थानों पर बनेंगे फलदार उद्यान

कबीरधाम जिले में विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत 30 स्थानों पर फलदार उद्यान विकसित किए जाएंगे। इस पहल से ग्रामीणों को रोजगार, आजीविका और भविष्य में फल उत्पादन के माध्यम से अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा।

Jul 22, 2026 - 17:32
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विकसित भारत जी राम जी उद्यान योजना से ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार, कबीरधाम में 30 स्थानों पर बनेंगे फलदार उद्यान

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। कबीरधाम जिले में ग्रामीणों की आजीविका को मजबूत करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत बड़े स्तर पर फलदार उद्यान विकसित किए जा रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत जिले के 30 स्थानों पर जी राम जी उद्यान स्थापित किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। पहले चरण में ग्राम पंचायत नेऊरगांवखुर्द और गंडईखुर्द में फलदार पौधों का रोपण कर उद्यान विकास कार्य शुरू कर दिया गया है।

ग्राम पंचायत नेऊरगांवखुर्द में गौठान के समीप लगभग 2.02 हेक्टेयर क्षेत्र में 8.35 लाख रुपये की लागत से 560 फलदार पौधे लगाए गए हैं। इनमें आम, नींबू, जामुन, आंवला और कटहल जैसे पौधे शामिल हैं। वहीं ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में लिलमहा बगीचा स्थल के पास 2.02 हेक्टेयर क्षेत्र में 6.67 लाख रुपये की लागत से 350 फलदार पौधों का रोपण किया गया है। दोनों उद्यानों का रखरखाव उद्यानिकी विभाग की देखरेख में किया जा रहा है, जबकि एग्रीकॉन संस्था तकनीकी सहयोग और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध करा रही है।

योजना के तहत लगाए गए सभी पौधे उन्नत ग्राफ्टिंग तकनीक से तैयार किए गए हैं, जिससे दो से तीन वर्षों के भीतर फल उत्पादन शुरू होने की संभावना है। इससे स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण परिवारों को फल बिक्री के माध्यम से नियमित आय का स्रोत मिलेगा। उद्यानों की देखभाल के लिए स्थानीय महिला समूहों को जिम्मेदारी दी गई है, जिससे उन्हें रोजगार भी प्राप्त हो रहा है।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी आजीविका के अवसर तैयार करना है। फलदार पौधों के रोपण, रखरखाव और संरक्षण कार्यों में स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के तहत कार्य करने वाले श्रमिकों को प्रतिदिन मजदूरी का भुगतान भी किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

उन्होंने बताया कि जिले में कुल 30 स्थानों पर जी राम जी उद्यान विकसित करने की योजना अंतिम चरण में है। नेऊरगांवखुर्द और गंडईखुर्द में कार्य प्रारंभ हो चुका है, जबकि शेष 28 स्थानों के लिए स्वीकृति प्रक्रिया जारी है। वर्षा ऋतु के दौरान सभी प्रस्तावित स्थानों पर फलदार पौधारोपण का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

यह योजना केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। फलदार उद्यानों के माध्यम से भविष्य में स्थानीय स्तर पर फल उत्पादन बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण परिवारों की आय में स्थायी वृद्धि होगी। विकसित भारत जी राम जी योजना ग्रामीण विकास, हरित पर्यावरण और आत्मनिर्भर आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आ रही है।