बिजली दरों और स्मार्ट मीटर को लेकर कांग्रेस का हमला, सरकार पर जनता से वसूली का लगाया आरोप

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस ने बिजली दरों में वृद्धि और स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की है। कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने आरोप लगाया कि सरकार राहत देने के बजाय बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है तथा मीटर जांच शुल्क का प्रावधान वापस लेने की मांग की।

Jul 17, 2026 - 13:46
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बिजली दरों और स्मार्ट मीटर को लेकर कांग्रेस का हमला, सरकार पर जनता से वसूली का लगाया आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य में बिजली दरों में वृद्धि और स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने आरोप लगाया कि सरकार बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के बजाय उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के इस निर्णय का विरोध करती है।

वंदना राजपूत ने कहा कि राज्य में बिजली दरों में कई बार वृद्धि की जा चुकी है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ा है। उनका कहना है कि पहले लागू 400 यूनिट तक की रियायत को घटाकर 200 यूनिट कर दिया गया और इसके साथ ऐसी शर्तें लागू की गईं कि निर्धारित सीमा से अधिक बिजली खपत होने पर पूरी छूट समाप्त हो जाती है। कांग्रेस का आरोप है कि इससे बड़ी संख्या में उपभोक्ता प्रभावित हो रहे हैं।

कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर प्रणाली पर भी सवाल उठाए। वंदना राजपूत ने दावा किया कि विभिन्न क्षेत्रों से उपभोक्ताओं की शिकायतें मिल रही हैं कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली की खपत पहले की तुलना में अधिक दर्ज हो रही है, जिससे बिल भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि उपभोक्ताओं को मीटर की कार्यप्रणाली पर संदेह है तो उन्हें उसकी निष्पक्ष जांच कराने का अधिकार मिलना चाहिए।

उन्होंने सरकार से मीटर जांच के लिए निर्धारित शुल्क को भी वापस लेने की मांग की। उनका कहना है कि यदि किसी उपभोक्ता को मीटर में गड़बड़ी की आशंका है तो उसकी जांच निःशुल्क होनी चाहिए। कांग्रेस का आरोप है कि मीटर जांच के लिए शुल्क निर्धारित करने से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है।

वंदना राजपूत ने यह भी कहा कि यदि कोयले पर लगने वाले सेस में कमी आई है तो उसका लाभ बिजली उपभोक्ताओं को मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिजली की कीमतों में राहत देने के बजाय नए शुल्क और बढ़ी हुई दरों के माध्यम से अतिरिक्त वसूली कर रही है।

कांग्रेस ने राज्य सरकार से बिजली दरों में बढ़ोतरी पर पुनर्विचार करने, स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने और मीटर जांच शुल्क का प्रावधान तत्काल समाप्त करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि बिजली जैसी आवश्यक सेवा आम नागरिकों की पहुंच में रहनी चाहिए और उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं डाला जाना चाहिए।

यह बयान छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सामने आया है, जिसमें बिजली दरों, स्मार्ट मीटर व्यवस्था और उपभोक्ताओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की गई है।