बिलासपुर मालगाड़ी डिरेलमेंट मामला: रेलवे ट्रैक पर छोड़े गए JCB बकेट से हादसा, RPF ने 10 आरोपियों को किया गिरफ्तार

बिलासपुर के कारगी रोड रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी डिरेलमेंट मामले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि रेलवे ट्रैक पर छोड़े गए जेसीबी बकेट की वजह से मालगाड़ी के तीन वैगन पटरी से उतर गए। मामले का मुख्य आरोपी निजी ठेकेदार पवन नायक अब भी फरार है।

Jul 15, 2026 - 12:12
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बिलासपुर मालगाड़ी डिरेलमेंट मामला: रेलवे ट्रैक पर छोड़े गए JCB बकेट से हादसा, RPF ने 10 आरोपियों को किया गिरफ्तार

UNITED NEWS OF ASIA. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कारगी रोड रेलवे स्टेशन पर हुई मालगाड़ी डिरेलमेंट की घटना में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रेलवे की तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। मामले का मुख्य आरोपी निजी ठेकेदार पवन नायक फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

यह हादसा 13 जुलाई की दोपहर करीब 2:20 बजे कारगी रोड रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 स्थित लाइन नंबर-3 पर हुआ था। मालगाड़ी के तीन वैगन पटरी से उतर गए थे। हालांकि, इस दुर्घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन रेलवे परिचालन कुछ समय के लिए प्रभावित रहा।

घटना के बाद मौके पर पहुंचे रेलवे अधिकारियों ने जांच के दौरान मालगाड़ी के डिब्बों के नीचे जेसीबी मशीन का भारी बकेट फंसा हुआ पाया। इसके बाद आरपीएफ और रेलवे अधिकारियों ने विस्तृत जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि जेसीबी बकेट को प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर उतारा गया था, जिसके बाद कुछ मजदूर उसे प्लेटफॉर्म नंबर-1 की ओर ले जा रहे थे।

इसी दौरान मालगाड़ी को अपनी ओर आता देखकर मजदूर घबरा गए और भारी जेसीबी बकेट को रेलवे ट्रैक पर ही छोड़कर मौके से भाग निकले। ट्रैक पर पड़ा बकेट मालगाड़ी से टकरा गया, जिससे इंजन के पीछे लगे तीन वैगन पटरी से उतर गए। रेलवे अधिकारियों ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल जांच तेज कर दी।

मामले की जांच के दौरान बिलासपुर से इंदौर तक विभिन्न रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। साथ ही आरोपियों की मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनकी भूमिका की पुष्टि की गई। इसके बाद आरपीएफ ने कार्रवाई करते हुए कमलेश टेकाम उर्फ मुन्ना, नरहर सिंह उर्फ पिंटू, देवा सिंह, बुद्धू सिंह, छत्रपति मरावी, लोकेश मांडवी, अनुराग मरावी, अभिषेक यादव, मोहम्मद शमीर और कोच अटेंडेंट अमित यादव को गिरफ्तार कर लिया।

जांच में यह भी सामने आया कि मोहम्मद शमीर ने जेसीबी बकेट मंगवाया था, जबकि अन्य आरोपी उसे रेलवे परिसर में ले जाने के काम में शामिल थे। रेलवे सुरक्षा बल अब मुख्य आरोपी पवन नायक की तलाश कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि उसके गिरफ्तार होने के बाद पूरे घटनाक्रम और जिम्मेदारियों की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

आरपीएफ और रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीर लापरवाही का परिणाम बताते हुए कहा है कि रेलवे ट्रैक और परिचालन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। मामले में आगे की जांच जारी है और आवश्यकता पड़ने पर अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।