बाराडेरा गुरु दर्शन मेले में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने निभाई गुरु परंपरा, जैतखाम पर फहराया पालो

आरंग के समीप ग्राम बाराडेरा में आयोजित गुरु दर्शन मेले में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने 45 फीट ऊंचे जैतखाम पर चढ़कर पालो फहराया। उन्होंने सतनाम पंथ के सत्य, अहिंसा और सामाजिक समरसता के संदेश को आत्मसात करने का आह्वान किया।

Jan 5, 2026 - 17:12
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बाराडेरा गुरु दर्शन मेले में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने निभाई गुरु परंपरा, जैतखाम पर फहराया पालो

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, आरंग/रायपुर | राजधानी रायपुर के समीप ग्राम बाराडेरा (तुलसी) में आयोजित ऐतिहासिक गुरु दर्शन मेला के दूसरे दिन आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच सतनामी समाज के पूज्य गुरु एवं छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने गुरु परंपरा का निर्वहन करते हुए आध्यात्मिक गरिमा के साथ मेले में सहभागिता की।

प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी गुरु धर्म के दायित्वों को निभाते हुए पूज्य गुरु साहेब जी ने स्वयं सीढ़ी के सहारे 45 फीट ऊंचे जैतखाम पर चढ़कर विधि-विधान के साथ पालो (श्वेत ध्वज) फहराया। जैसे ही जैतखाम पर पालो फहराया गया, पूरा परिसर “सतनाम” के जयघोष से गूंज उठा। इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी धरसींवा विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा सहित हजारों श्रद्धालु बने।

इस अवसर पर समाज के नाम संदेश देते हुए गुरु खुशवंत साहेब जी ने कहा कि परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा जी का मार्ग सत्य, अहिंसा और सामाजिक समरसता का मार्ग है। “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को जीवन में उतारना ही सच्ची गुरु सेवा है। उन्होंने कहा कि जैतखाम पर फहराता श्वेत ध्वज शांति, पवित्रता और एकता का प्रतीक है तथा समाज के प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा और संगठन के माध्यम से उन्नति के पथ पर आगे बढ़ना चाहिए।

गुरु साहेब जी ने मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना कर समाज और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि यह धाम गुरु अमरदास जी की तपोभूमि है, जो त्याग और सेवा की प्रेरणा देती है। बाराडेरा धाम देश का एकमात्र ऐसा पावन स्थल है जहाँ बाबा गुरु घासीदास जी के द्वितीय पुत्र गुरु अमरदास जी एवं माता पातापुरहीन का गुरुद्वारा स्थापित है। यहाँ वर्ष 1929 से निरंतर गुरु दर्शन मेले का आयोजन होता आ रहा है।

मेले में छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने दंडवत होकर गुरु गद्दी का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा एवं मेला समिति के पदाधिकारियों ने गुरु खुशवंत साहेब जी का आत्मीय स्वागत और अभिनंदन किया। मेले के दौरान पंथी नृत्य और मंगल भजनों की प्रस्तुतियों ने सतनाम संस्कृति की अनुपम छटा बिखेरी, जिससे पूरा ग्रामीण परिवेश भक्तिमय हो उठा।