बलरामपुर कलेक्टर कार्यालय में बदहाली का आलम, टूटे शौचालय और गंदगी से फैल रही दुर्गंध

बलरामपुर कलेक्टर कार्यालय में साफ-सफाई की गंभीर लापरवाही सामने आई है। कलेक्ट्रेट परिसर के मीटिंग हॉल से लगे कमरे में टूटे शौचालय और गंदगी के कारण लगातार दुर्गंध फैल रही है। जिस स्थान पर अधिकारियों के लिए नाश्ता और चाय पैक की जाती है, वहां की स्थिति को लेकर स्थानीय नागरिकों और कर्मचारियों में नाराजगी देखी जा रही है।

Jun 15, 2026 - 11:21
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बलरामपुर कलेक्टर कार्यालय में बदहाली का आलम, टूटे शौचालय और गंदगी से फैल रही दुर्गंध

UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l बलरामपुर जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर कार्यालय में साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। जिले के प्रशासनिक संचालन का केंद्र माने जाने वाले इस महत्वपूर्ण कार्यालय की स्थिति को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कलेक्ट्रेट परिसर के एक हिस्से में लंबे समय से गंदगी और दुर्गंध का माहौल बना हुआ है, जिससे कर्मचारियों और अधिकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है

जानकारी के अनुसार कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित उस मीटिंग हॉल के समीप, जहां नियमित रूप से समय-सीमा (टीएल) बैठक आयोजित की जाती है, एक कमरा मौजूद है जिसमें अधिकारियों के लिए नाश्ता और चाय की पैकिंग की जाती है। बताया जा रहा है कि इसी कमरे के आसपास लगातार दुर्गंध बनी रहती है, जिससे वहां कार्य करना और बैठना असुविधाजनक हो गया है।

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक इस समस्या की मुख्य वजह नाश्ता पैकिंग कक्ष के पास स्थित शौचालय और बाथरूम की खराब स्थिति है। शौचालय का दरवाजा लंबे समय से टूटा हुआ बताया जा रहा है, जिसके कारण वहां से आने वाली दुर्गंध सीधे आसपास के कमरों और कॉरिडोर तक फैल जाती है। परिणामस्वरूप बैठक में शामिल होने आने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को भी इस स्थिति का सामना करना पड़ता है।

बताया जाता है कि हर सप्ताह आयोजित होने वाली बैठकों में विभिन्न विभागों के अधिकारी और विकासखंड स्तर के कर्मचारी शामिल होते हैं। इसके बावजूद परिसर की इस समस्या पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। परिसर में नियमित सफाई व्यवस्था होने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं होने से सफाई प्रबंधन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों और जागरूक लोगों का कहना है कि यदि जिला मुख्यालय के सबसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय में इस प्रकार की स्थिति है, तो ग्रामीण क्षेत्रों और अन्य शासकीय कार्यालयों में स्वच्छता व्यवस्था की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है। लोगों का मानना है कि प्रशासन को अपने ही कार्यालय परिसर की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके।

विशेष रूप से चिंता की बात यह बताई जा रही है कि जिस स्थान पर अधिकारियों के लिए खाद्य सामग्री और नाश्ता पैक किया जाता है, उसके आसपास गंदगी और दुर्गंध का वातावरण बना हुआ है। इससे स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी प्रश्न भी उठ रहे हैं। कर्मचारियों और आगंतुकों का मानना है कि ऐसी परिस्थितियों में खाद्य सामग्री की पैकिंग उचित नहीं मानी जा सकती।

अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएंगे। यदि समय रहते साफ-सफाई, मरम्मत और रखरखाव संबंधी कार्य नहीं किए गए तो यह समस्या आगे और गंभीर रूप ले सकती है। फिलहाल स्थानीय स्तर पर प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की जा रही है।