रानी दुर्गावती और वीर नारायण सिंह आदिवासी समाज के शौर्य के प्रतीक : रामविचार नेताम
महासमुंद में रानी दुर्गावती के 462वें शहादत दिवस और वीर नारायण सिंह की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम शामिल हुए। उन्होंने दोनों महान विभूतियों को आदिवासी समाज के शौर्य, साहस और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बताते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। कार्यक्रम में प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का सम्मान भी किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. महासमुंद। आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने महासमुंद में आयोजित रानी दुर्गावती के 462वें शहादत दिवस एवं अमर शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा अटल परिसर में स्थापित छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीर नारायण सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया। कार्यक्रम के दौरान समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रामविचार नेताम ने कहा कि रानी दुर्गावती और वीर नारायण सिंह आदिवासी समाज के शौर्य, साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देकर अदम्य साहस का परिचय दिया, जबकि वीर नारायण सिंह ने अन्याय और शोषण के विरुद्ध संघर्ष करते हुए समाज और मानवता की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि इन महान विभूतियों के आदर्श आज भी समाज और देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
रामविचार नेताम ने कहा कि वर्तमान समय में समाज के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी संस्कृति और परंपराओं को सुरक्षित रखते हुए शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ना है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता, समरसता और राष्ट्र निर्माण में जनजातीय समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और आगे भी रहेगी।
उन्होंने राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में गरीबों, किसानों और जनजातीय समुदाय के कल्याण के लिए अनेक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने किसानों से जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। साथ ही कालाबाजारी, जमाखोरी और नकली खाद-बीज के कारोबार पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीकों जैसे नैनो डीएपी, नैनो यूरिया, मृदा परीक्षण, ड्रोन तकनीक और कृषि यंत्रीकरण को किसानों तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
कार्यक्रम में सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा सहित अन्य अतिथियों ने भी अपने विचार रखे और रानी दुर्गावती तथा वीर नारायण सिंह के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। आयोजन में आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में समाजजनों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम श्रद्धांजलि, सम्मान और समाज को एकजुट करने के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।