मोटरयान नियमों में संशोधन पर चेंबर ने उठाई आपत्ति, परिवहन मंत्री को सौंपा ज्ञापन

छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और छत्तीसगढ़ ऑटोमोबाइल रिसेलर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी के नेतृत्व में परिवहन मंत्री केदार कश्यप से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ मोटरयान नियम, 1994 में प्रस्तावित संशोधनों पर आपत्ति जताई। प्रतिनिधिमंडल ने पुराने वाहनों के कारोबार को प्रभावित करने वाले प्रावधानों में संशोधन की मांग की, जिस पर परिवहन मंत्री ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

Jun 25, 2026 - 12:37
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मोटरयान नियमों में संशोधन पर चेंबर ने उठाई आपत्ति, परिवहन मंत्री को सौंपा ज्ञापन

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी के नेतृत्व में चेम्बर प्रतिनिधिमंडल एवं छत्तीसगढ़ ऑटोमोबाइल रिसेलर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने परिवहन मंत्री केदार कश्यप से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ मोटरयान नियम, 1994 में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर अपनी आपत्तियां और सुझाव प्रस्तुत किए। प्रतिनिधिमंडल ने वाहन व्यापार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए नियमों को व्यावहारिक और व्यापार हितैषी बनाने की मांग की।

मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने परिवहन मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि प्रस्तावित संशोधनों के कारण प्रदेश के हजारों छोटे और मध्यम स्तर के वाहन व्यापारियों के समक्ष व्यवसाय प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। उनका कहना था कि नियमों में ऐसे प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिनसे पुराने वाहनों के क्रय-विक्रय का कारोबार कठिन हो जाएगा। उन्होंने सरकार से व्यापारिक हितों को ध्यान में रखते हुए इन नियमों की पुनः समीक्षा करने का आग्रह किया।

सतीश थौरानी ने कहा कि पुराने वाहनों के स्वामित्व हस्तांतरण (ओनरशिप ट्रांसफर) पर लागू किए गए एक प्रतिशत कर के कारण बाजार में मंदी का वातावरण बन गया है। उन्होंने इस कर को वापस लेकर पूर्व की व्यवस्था के अनुसार केवल नाममात्र का शुल्क लागू करने की मांग की। साथ ही वाहन डीलरों से मांगी जा रही बैंक गारंटी को समाप्त करने का भी अनुरोध किया गया।

प्रतिनिधिमंडल ने ऑनलाइन एंट्री से जुड़े नियमों पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि वाहन खरीद के उसी दिन ऑनलाइन एंट्री करना कई परिस्थितियों में व्यावहारिक नहीं है। विशेष रूप से सर्वर डाउन होने, तकनीकी समस्याओं या ग्रामीण क्षेत्रों से वाहन खरीदी के मामलों में यह प्रक्रिया कठिन हो जाती है। उन्होंने शासन से दस्तावेजों के सत्यापन और ऑनलाइन प्रविष्टि के लिए पर्याप्त समय देने का अनुरोध किया।

व्यापारियों ने यह भी मांग की कि लिपिकीय त्रुटि या तकनीकी विलंब जैसे मामलों को गंभीर अपराध की श्रेणी में नहीं रखा जाए। ऐसे मामलों में सीधे लाइसेंस निरस्त करने के बजाय संबंधित डीलर को सुधार और अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए।

परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना और कहा कि राज्य सरकार व्यापारियों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नियमों में यदि किसी प्रकार की व्यावहारिक कठिनाई है तो उसका परीक्षण कर आवश्यक और सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य व्यापार को सरल बनाना और अनावश्यक बाधाओं को दूर करना है।

बैठक में चेम्बर और ऑटोमोबाइल रिसेलर एसोसिएशन के अनेक पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि सरकार व्यापारियों की समस्याओं पर सकारात्मक निर्णय लेकर वाहन कारोबार को सुगम और पारदर्शी बनाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाएगी।