बालोद कोतवाली से पुलिस अभिरक्षा में रखी महिला आरोपी फरार, लापरवाही पर तीन पुलिसकर्मी निलंबित

बालोद कोतवाली थाना परिसर से पुलिस अभिरक्षा में रखी गई एक महिला आरोपी फरार हो गई। घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी में लापरवाही पाए जाने पर तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। फरार आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीमों को सक्रिय कर दिया गया है।

Jul 6, 2026 - 10:51
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बालोद कोतवाली से पुलिस अभिरक्षा में रखी महिला आरोपी फरार, लापरवाही पर तीन पुलिसकर्मी निलंबित

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l बालोद जिले के कोतवाली थाना परिसर से पुलिस अभिरक्षा में रखी गई एक महिला आरोपी के फरार होने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे घटनाक्रम की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

पुलिस के अनुसार महिला आरोपी को चोरी के एक प्रकरण में गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के लिए उसे बालोद कोतवाली थाना परिसर में पुलिस अभिरक्षा में रखा गया था। इसी दौरान दोपहर के समय महिला आरोपी पुलिसकर्मियों की नजर बचाकर वहां से फरार हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही थाना परिसर में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई।

घटना के बाद पुलिस ने तत्काल आरोपी की तलाश शुरू कर दी। जिले के विभिन्न संभावित स्थानों पर विशेष पुलिस टीमों को रवाना किया गया है। आसपास के थाना क्षेत्रों को भी अलर्ट कर दिया गया है ताकि महिला आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके। पुलिस लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

प्रारंभिक जांच में ड्यूटी के दौरान लापरवाही सामने आने पर प्रधान आरक्षक शिवराम ध्रुव, आरक्षक उमेश निषाद और महिला आरक्षक पूर्णिमा ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभागीय जांच पूरी होने के बाद यदि अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की भी जिम्मेदारी सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने पुलिस अभिरक्षा की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। थाना परिसर जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगह से आरोपी का फरार होना सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक माना जा रहा है। पुलिस विभाग अब यह भी जांच कर रहा है कि आरोपी किस परिस्थिति में फरार हुई और क्या उसे किसी प्रकार की बाहरी मदद मिली थी।

फिलहाल पुलिस का कहना है कि फरार महिला आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा। वहीं विभागीय जांच के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस मामले के बाद पुलिस विभाग ने थाना परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था और अभिरक्षा में रखे गए आरोपियों की निगरानी को और अधिक सख्त करने की दिशा में भी कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है।