बारिश में भी नहीं डिगा अतिथि शिक्षकों का हौसला, शिक्षा मंत्री निवास तक मार्च, पुलिस से धक्का-मुक्की

दुर्ग में संविलयन और नियमितीकरण की मांग को लेकर सैकड़ों अतिथि शिक्षकों ने मूसलाधार बारिश के बीच शिक्षा मंत्री के निवास की ओर मार्च किया। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश के दौरान पुलिस और अतिथि शिक्षकों के बीच धक्का-मुक्की हुई। बाद में शिक्षक सड़क पर धरने पर बैठ गए और शिक्षा मंत्री से मुलाकात की मांग पर अड़े रहे।

Jul 6, 2026 - 10:44
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बारिश में भी नहीं डिगा अतिथि शिक्षकों का हौसला, शिक्षा मंत्री निवास तक मार्च, पुलिस से धक्का-मुक्की

UNITED NEWS OF ASIA. रोहिताश सिंह भुवाल, दुर्ग l दुर्ग में संविलयन और नियमितीकरण की मांग को लेकर अतिथि शिक्षकों का आंदोलन रविवार को उस समय और तेज हो गया, जब सैकड़ों महिला एवं पुरुष अतिथि शिक्षक मूसलाधार बारिश के बावजूद शिक्षा मंत्री के निवास की ओर मार्च करते हुए निकल पड़े। लगातार हो रही बारिश और सड़कों पर भरे पानी के बीच भी प्रदर्शनकारियों का उत्साह कम नहीं हुआ। हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर शिक्षक अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे।

शिक्षकों का कहना है कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद उन्हें अब तक संविलयन और नियमितीकरण का लाभ नहीं मिला है। उनका आरोप है कि सरकार से कई बार मांग करने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे प्रदेशभर के अतिथि शिक्षकों में निराशा है। इसी मांग को लेकर बड़ी संख्या में शिक्षक दुर्ग में एकत्र हुए और शिक्षा मंत्री से सीधे मुलाकात करने के उद्देश्य से उनके निवास की ओर कूच किया।

शिक्षा मंत्री के बंगले के समीप पहुंचते ही पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान कुछ अतिथि शिक्षकों ने बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिसके चलते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच जद्दोजहद चलती रही और मौके पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा।

इसके बाद सैकड़ों अतिथि शिक्षक बैरिकेडिंग के सामने ही सड़क पर बैठ गए और वहीं धरना शुरू कर दिया। लगातार बारिश में भीगते हुए भी उन्होंने प्रदर्शन जारी रखा और शिक्षा मंत्री से सीधे बातचीत की मांग पर अड़े रहे। प्रदर्शन के दौरान "जब तक बात नहीं, तब तक वापसी नहीं" सहित विभिन्न नारे लगातार गूंजते रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। अधिकारियों ने शिक्षकों को समझाने और वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अडिग रहे। उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और उनका उद्देश्य केवल अपनी वर्षों पुरानी मांगों को सरकार तक पहुंचाना है।

बारिश के बीच हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर अतिथि शिक्षकों की मांगों को प्रमुखता से सामने ला दिया है। अब सभी की निगाहें सरकार और शिक्षा विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं। प्रदर्शनकारी उम्मीद जता रहे हैं कि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा, ताकि लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता का अंत हो सके।