बालोद में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन
बालोद जिले में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में डौंडी लोहारा में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में मितानीन को नालसा की योजनाओं, सखी वन स्टॉप सेंटर, घरेलू हिंसा से सुरक्षा और निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में जानकारी दी गई।
UNITED NEWS OF ASIA.परस साहू, बालोद। बालोद जिले में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) द्वारा विधिक जागरूकता बढ़ाने और उनके कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार हेतु विशेष शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम डौंडी लोहारा में आयोजित स्वच्छ पंचायत सम्मेलन के दौरान संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी एक्शन प्लान के अनुरूप किया गया।
शिविर का संचालन सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद, भारती कुलदीप के द्वारा किया गया। उन्होंने उपस्थित मितानीनों एवं ग्रामीणों को NALSA द्वारा संचालित योजनाओं जैसे जागृति योजना 2025, डॉन योजना 2025, आशा योजना 2025, संवाद योजना 2025 के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु सखी वन स्टॉप सेंटर, घरेलू हिंसा से सुरक्षा अधिनियम 2005, एफआइआर दर्ज करने की प्रक्रिया और मानसिक रोगियों के उपचार संबंधी जानकारी भी साझा की गई।
कार्यक्रम में निःशुल्क अधिवक्ता की सुविधा और NALSA का टोल-फ्री नंबर 15100 उपलब्ध कराने की जानकारी भी मितानीनों को दी गई, जिससे किसी भी कानूनी सहायता की जरूरत पर तुरंत मदद मिल सके। शिविर में उपस्थित ग्रामीणों ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में कानूनी जागरूकता फैलाने और लोगों को अपने अधिकारों के प्रति सचेत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शिविर का आयोजन प्रधान जिला न्यायाधीश बालोद और अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्यामलाल नवरत्न बालोद के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इसे बेहद उपयोगी और जानकारीपूर्ण बताया। इस प्रकार के शिविर ग्रामीण समाज में कानूनी सुरक्षा, महिला सुरक्षा और विधिक सहायता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं।
यह आयोजन न केवल ग्रामीणों में कानूनी जागरूकता बढ़ाने में सहायक रहा, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति आत्मनिर्भर और सजग बनाने का प्रयास भी किया गया।