मुख्य सचिव के निर्देश: प्रभावित ग्रामों के लिए विलेज एक्शन प्लान तैयार कर DMF राशि का होगा प्रभावी उपयोग

मुख्य सचिव ने प्रभावित ग्रामों के विकास के लिए विलेज एक्शन प्लान तैयार कर DMF निधि का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वर्चुअल बैठक में कलेक्टरों से कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए 15 मई तक अंतिम रूप देने को कहा गया।

Apr 18, 2026 - 12:28
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मुख्य सचिव के निर्देश: प्रभावित ग्रामों के लिए विलेज एक्शन प्लान तैयार कर DMF राशि का होगा प्रभावी उपयोग

UNITED NEWS OF ASIA . सुनील साहू , बालोद l   छत्तीसगढ़ में खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास को लेकर राज्य शासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि वे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित ग्रामों के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर “विलेज एक्शन प्लान” तैयार करें और जिला खनिज न्यास संस्थान (DMF) की राशि का समुचित उपयोग सुनिश्चित करें।

इस संबंध में मुख्य सचिव ने एक वर्चुअल बैठक के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टरों और प्रभारी अधिकारियों से संवाद कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक के दौरान उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में प्रस्तावित कार्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समयबद्ध कार्य करने को कहा।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर तैयार किए जाने वाले विलेज एक्शन प्लान को ग्राम सभा में अनुमोदित कराना अनिवार्य होगा। इससे स्थानीय जरूरतों और प्राथमिकताओं के आधार पर विकास कार्यों का चयन किया जा सकेगा और योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचेगा।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि इन योजनाओं के अंतर्गत प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को शासन की 31 जनकल्याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ दिया जाए। साथ ही 14 बुनियादी अधोसंरचना से जुड़े कार्यों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि गांवों में समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि शासन की 10 विशेष प्राथमिकता वाली योजनाओं को भी DMF निधि के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए। इसके तहत प्रत्येक गांव के लिए वार्षिक कार्य योजना तैयार कर उसे 15 मई तक अंतिम रूप देकर संबंधित वेबसाइट पर प्रकाशित करना होगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि DMF निधि से होने वाले सभी कार्य इसी वार्षिक कार्य योजना के आधार पर स्वीकृत और क्रियान्वित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त किसी भी प्रकार का बदलाव या संशोधन स्वीकार नहीं किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

बैठक में खनिज सचिव श्री पी. दयानंद, खनिज विभाग के संचालक श्री रजत बंसल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में चल रहे कार्यों की जानकारी साझा की और आगामी योजनाओं पर चर्चा की।

बालोद जिले की कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने भी अपने जिले के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्रों में प्रस्तावित विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार की जा रही हैं।

वर्चुअल बैठक के दौरान संयुक्त जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

राज्य शासन की यह पहल खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई दिशा तय करने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विलेज एक्शन प्लान के माध्यम से स्थानीय जरूरतों के अनुरूप योजनाओं का चयन और क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर में सुधार आने की उम्मीद है।