ट्रांसपोर्ट क्षेत्र को संगठित और सशक्त बनाने के लिए इस चेम्बर का गठन एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके तहत हरचरण सिंह साहनी को ट्रांसपोर्ट चेम्बर का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। उनके नेतृत्व में यह नई टीम प्रदेश के परिवहन व्यवसाय से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी और समाधान के लिए प्रयास करेगी।
नई कार्यकारिणी में विभिन्न पदों पर अनुभवी और सक्रिय सदस्यों को शामिल किया गया है। महामंत्री के रूप में सुखदेव सिंह सिद्धू, कोषाध्यक्ष के रूप में दिवाकर अवस्थी को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं कार्यकारी अध्यक्ष के पद पर गुरजीत सिंह संधू और रणजीत सिंह वालिया को नियुक्त किया गया है।
प्रमुख सलाहकार के रूप में जसबीर सिंह ढिल्लन, ज्ञानी बलजिंदर सिंह और श्रवण कुमार बिश्नोई को शामिल किया गया है, जो अपने अनुभव से संगठन को दिशा देने का कार्य करेंगे।
उपाध्यक्ष पद पर स्वरूप चोपड़ा, दलविंदर सिंह ढिल्लन, रज्जू भाई मेमन, बनारसी पांडेय, आसिफ मेमन, अमरीक सिंह (सीजीआर), जगदीश प्रसाद गुप्ता, विनीत तिवारी, सुनील वरड़िया, जसविंदर सिंह संधू, प्रभनाथ बैठा (भिलाई) और रमाकांत साहू को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मंत्री पद पर हरिशंकर मिश्रा, हरनीत सिंह संधू (रिम्पल), नीरज बंसल, सैयद आसिफ अली, पवन अग्रवाल, बलवीर सिंह, रोशन शर्मा, याकूब मोकाती और मुरारी अग्रवाल को शामिल किया गया है।
इसके अलावा कार्यकारिणी सदस्य के रूप में रूपक चंद्रवंशी, पिंटू सिंह, उत्तम जायसवाल, रणजोत सिंह गिल, गुरविंदर सिंह संधावालिया, रोहित कुक्षत्री, जगमिंदर सिंह बल, मनप्रीत सिंह संधावालिया और उमेश वर्मा को जिम्मेदारी दी गई है।
प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने सभी नव-नियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि यह टीम व्यापार और उद्योग के हित में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट सेक्टर किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होता है, ऐसे में इस क्षेत्र को संगठित करना और उसकी समस्याओं का समाधान करना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि नई कार्यकारिणी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ करेगी तथा चेम्बर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में योगदान देगी।
प्रदेश महामंत्री अजय भसीन ने भी इस अवसर पर सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और संगठन को मजबूत बनाने के लिए मिलकर कार्य करने की अपील की।
यह नया गठन छत्तीसगढ़ के व्यापारिक और औद्योगिक क्षेत्र में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिससे परिवहन व्यवसाय को नई दिशा और मजबूती मिलने की उम्मीद है।