जंबूरी केवल शिविर नहीं बल्कि एकता और विविधता का उत्सव है: राज्यपाल रमेन डेका

बालोद जिले के ग्राम दुधली में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का भव्य शुभारंभ हुआ। राज्यपाल रमेन डेका ने जंबूरी को एकता, विविधता और साझा उद्देश्यों का उत्सव बताया। कार्यक्रम में देशभर से आए रोवर-रेंजरों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।

Jan 10, 2026 - 11:00
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जंबूरी केवल शिविर नहीं बल्कि एकता और विविधता का उत्सव है: राज्यपाल रमेन डेका

UNITED NEWS OF ASIA.परस साहू, बालोद | जिले के ग्राम दुधली में आज प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का भव्य एवं रंगारंग शुभारंभ हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन में राज्यपाल रमेन डेका ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए कहा कि जंबूरी केवल एक शिविर नहीं बल्कि एकता, विविधता, भाईचारे और साझा उद्देश्यों का जीवंत उत्सव है। यह आयोजन भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जैन ने की। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव, भारत स्काउट्स गाइड्स के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. के.के. खंडेलवाल, राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंदरजीत सिंह खालसा सहित अनेक राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में आए रोवर-रेंजरों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।

राज्यपाल  रमेन डेका एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन तथा आकाश में गुब्बारे छोड़कर जंबूरी का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जंबूरी पत्रिका एवं नए बैज का भी विमोचन किया गया। विभिन्न राज्यों से आए रोवर-रेंजरों ने नृत्य, गीत और लोककलाओं की मनमोहक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की बहुरंगी छटा बिखेरी। मेजबान छत्तीसगढ़ के रोवर-रेंजरों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक सुआ गीत विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

अपने संबोधन में राज्यपाल डेका ने कहा कि जंबूरी एक जीवंत शिक्षालय है, जहां विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं से आए युवा एक परिवार के रूप में जुड़ते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सहयोग और पारस्परिक सम्मान का विकास होता है। उन्होंने इसे ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भारतीय अवधारणा का सजीव उदाहरण बताया।

भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जैन ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती पर प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का आयोजन अत्यंत गौरव का विषय है। उन्होंने इसे ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ और ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव ने कहा कि जंबूरी युवाओं को विपरीत परिस्थितियों में जीवन जीने की कला सिखाती है और उनमें सामाजिक समरसता का भाव विकसित करती है। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए भारत स्काउट्स गाइड्स एवं बालोद जिला प्रशासन की सराहना की।

उल्लेखनीय है कि पांच दिवसीय इस जंबूरी में देश के 33 राज्यों से आए रोवर-रेंजर भाग ले रहे हैं। यह आयोजन युवा सशक्तिकरण, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समन्वय का सशक्त मंच बनकर उभरा है।