धान खरीदी सीमा नहीं बढ़ाने के विरोध में किसानों का उग्र प्रदर्शन, बिलासपुर नेशनल हाईवे जाम
धान खरीदी की लिमिट नहीं बढ़ाए जाने से नाराज किसानों ने भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में बिलासपुर नेशनल हाईवे जाम कर दिया, जिससे यातायात घंटों प्रभावित रहा।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा । धान खरीदी की निर्धारित सीमा (लिमिट) में वृद्धि नहीं किए जाने से आक्रोशित किसानों ने सोमवार को उग्र आंदोलन करते हुए बिलासपुर नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। भारतीय किसान संघ के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने सड़क पर उतरकर शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हाईवे जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि इस वर्ष धान की पैदावार अच्छी हुई है, लेकिन शासन द्वारा खरीदी की सीमा नहीं बढ़ाए जाने के कारण किसान अपनी पूरी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने से वंचित हो रहे हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि लिमिट समाप्त होने के बाद उन्हें मजबूरी में धान कम कीमत पर बिचौलियों को बेचना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शासन शीघ्र धान खरीदी की सीमा नहीं बढ़ाता है तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। किसानों ने सड़क पर बैठकर शासन के खिलाफ नारे लगाए और कहा कि सरकार किसानों की मेहनत और लागत को नजरअंदाज कर रही है। प्रदर्शन के दौरान कई किसान नेताओं ने कहा कि धान खरीदी नीति में बदलाव कर प्रत्येक किसान से उसकी वास्तविक उत्पादन क्षमता के अनुसार खरीदी की जाए।
हाईवे जाम की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों द्वारा किसानों को आश्वासन दिया गया कि उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाया जाएगा और शीघ्र समाधान का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, किसान स्पष्ट आश्वासन मिलने तक आंदोलन समाप्त करने को तैयार नहीं दिखे।
करीब कई घंटों तक चले इस जाम के कारण एंबुलेंस, स्कूल बसों, यात्री बसों और मालवाहक वाहनों को रास्ता बदलकर गुजरना पड़ा। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने जाम को लेकर नाराजगी भी जताई।
किसानों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी जायज मांग रख रहे हैं, लेकिन यदि शासन लगातार उनकी अनदेखी करता रहा तो प्रदेशभर में बड़े आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। भारतीय किसान संघ ने साफ किया कि जब तक धान खरीदी की लिमिट बढ़ाने का लिखित आदेश जारी नहीं होता, तब तक किसान संघर्ष जारी रखेंगे।
प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और किसानों से शांति बनाए रखने की अपील की है।