प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने केंद्रीय जेल अंबिकापुर का किया निरीक्षण, बंदियों की सुविधाओं की ली जानकारी

सरगुजा जिले के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के. एल. चरयाणी ने केंद्रीय जेल अंबिकापुर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बंदियों को मिलने वाली सुविधाओं, भोजन, स्वच्छता और विधिक सहायता व्यवस्था की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए।

Jan 10, 2026 - 11:05
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प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने केंद्रीय जेल अंबिकापुर का किया निरीक्षण, बंदियों की सुविधाओं की ली जानकारी

UNITED NEWS OF ASIA. आकाश सोनकर, सरगुजा | जिले के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष  के. एल. चरयाणी द्वारा शुक्रवार को केंद्रीय जेल अंबिकापुर का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने जेल में उपलब्ध व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन करते हुए बंदियों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने विशेष रूप से जेल में भोजन की गुणवत्ता एवं साफ-सफाई व्यवस्था पर ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बंदियों को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है तथा जेल परिसर में स्वच्छता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

 चरयाणी ने जेल में बंदियों द्वारा तैयार की गई पेंटिंग, शिल्पकला, पंजियां एवं लिफाफों का भी अवलोकन किया। उन्होंने बंदियों की रचनात्मक गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बंदियों के मानसिक विकास एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में सकारात्मक भूमिका निभाती हैं।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी जानकारी ली। साथ ही उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि किसी भी बंदी को विधिक सहायता से वंचित न रखा जाए। यदि कोई बंदी विधिक सहायता लेने के लिए इच्छुक है, तो उसे नियमानुसार त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाए।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने यह भी कहा कि अपील, पुनरीक्षण अथवा अन्य न्यायिक प्रक्रियाओं से संबंधित मामलों में बंदियों को उनके प्रकरण की स्थिति के अनुसार विधिक सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने इस संबंध में जेल प्रशासन को विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान महिला बैरक का भी अवलोकन किया गया। इस अवसर पर उन्होंने महिला बंदियों एवं उनके साथ रह रहे बच्चों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी ली और आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।

इस निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट  पल्लव रघुवंशी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव  लीनम बनसोड़े तथा जेल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण को जेल व्यवस्था में सुधार एवं बंदियों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।