बालको में ‘अलाइसा’ रोबोट की तैनाती, कर्मचारियों को मिलेगा रियल-टाइम सुरक्षा प्रशिक्षण

वेदांता समूह की कंपनी बालको ने ‘अलाइसा’ नामक एआई-संचालित ह्यूमनॉइड असिस्टेंट को अपने स्मेल्टर प्लांट में तैनात किया है। यह सिस्टम कर्मचारियों को रियल-टाइम सुरक्षा प्रशिक्षण, संचालन मार्गदर्शन और निर्णय सहायता प्रदान कर औद्योगिक सुरक्षा और कार्य दक्षता को बढ़ाने में मदद कर रहा है।

Apr 18, 2026 - 12:36
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बालको में ‘अलाइसा’ रोबोट की तैनाती, कर्मचारियों को मिलेगा रियल-टाइम सुरक्षा प्रशिक्षण

UNITED NEWS OF ASIA. राहुल गुप्ता , कोप्रबा l  भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको), जो वेदांता समूहकी प्रमुख इकाई है, ने औद्योगिक क्षेत्र में तकनीकी नवाचार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘अलाइसा’ (एल्यूमिनियम एआई सपोर्ट एजेंट) नामक अत्याधुनिक एआई-संचालित ह्यूमनॉइड असिस्टेंट को अपने संयंत्र में तैनात किया है। यह पहल न केवल औद्योगिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है, बल्कि शॉप फ्लोर पर कर्मचारियों की कार्यक्षमता और निर्णय लेने की क्षमता को भी सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

‘अलाइसा’ को विशेष रूप से एल्यूमिनियम निर्माण इकाइयों के लिए डिजाइन किया गया है, जो शॉप फ्लोर टीम को ऑन-ग्राउंड प्रशिक्षण, तकनीकी जानकारी और त्वरित निर्णय सहायता प्रदान करता है। यह सिस्टम कन्वर्सेशनल एआई और प्लांट-विशिष्ट ऑपरेशनल इंटेलिजेंस का संयोजन है, जो कर्मचारियों को मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP), मानक रखरखाव प्रथाओं (SMP) और सुरक्षा प्रोटोकॉल की जानकारी रियल-टाइम में उपलब्ध कराता है।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने इस पहल को कंपनी की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन यात्रा का अहम हिस्सा बताते हुए कहा कि तकनीक और मानव संसाधन के बीच संतुलन बनाए रखना कंपनी की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ‘अलाइसा’ की तैनाती से कर्मचारियों को तुरंत मार्गदर्शन मिलता है, जिससे न केवल उनकी कार्यकुशलता बढ़ती है, बल्कि वे अधिक आत्मनिर्भर और जागरूक भी बनते हैं। यह कदम सुरक्षित, स्मार्ट और भविष्य के अनुरूप कार्यस्थल के निर्माण में सहायक साबित होगा।

प्रारंभिक चरण में ‘अलाइसा’ के माध्यम से 100 से अधिक कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। यह सिस्टम लर्निंग मॉड्यूल, रियल-टाइम प्रश्न समाधान और मूल्यांकन आधारित प्रशिक्षण प्रणाली से लैस है। इसके जरिए सुपरवाइजर कर्मचारियों की प्रगति और उनकी समझ का आकलन कर सकते हैं, जिससे प्रशिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनती है।

कर्मचारियों से मिले शुरुआती फीडबैक के अनुसार, ‘अलाइसा’ के उपयोग से तकनीकी जानकारी तक पहुंच आसान हुई है और संचालन से जुड़ी समस्याओं का समाधान तेजी से हो रहा है। इससे कर्मचारियों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है और वे जटिल परिस्थितियों में बेहतर निर्णय ले पा रहे हैं।

बालको में परास्नातक प्रशिक्षु उदय चौहान ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पॉटलाइन पर काम शुरू करने से पहले उन्होंने ‘अलाइसा’ के माध्यम से एसओपी आधारित सुरक्षा प्रशिक्षण लिया, जो बेहद प्रभावी रहा। उन्होंने कहा कि एक रोबोट द्वारा दिया गया प्रशिक्षण भी उतना ही उपयोगी और समझने योग्य था जितना किसी मानव प्रशिक्षक द्वारा दिया जाता है।

यह पहल भारत के मेटल सेक्टर में एक मील का पत्थर मानी जा रही है। बालको उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल हो गया है, जिन्होंने कोर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ह्यूमनॉइड एआई को अपनाया है। कंपनी पहले ही डिजिटल स्मेल्टर तकनीक लागू कर चुकी है, जिससे संभावित समस्याओं का पूर्वानुमान और समय पर समाधान संभव हो सका है।

‘अलाइसा’ कंपनी की व्यापक डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन रणनीति का हिस्सा है, जो सप्लाई चेन, पॉटलाइन ऑपरेशंस, कास्ट हाउस, रोल्ड प्रोडक्ट्स और कार्बन यूनिट तक विस्तारित है। इन पहलों के माध्यम से बालको संचालन दक्षता में वृद्धि, संसाधनों के बेहतर उपयोग, उत्पाद गुणवत्ता में सुधार और सुरक्षा मानकों को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है।