कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद पंचायत अध्यक्ष कुसुमलता कवासी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। समारोह में जनपद सदस्य, शाला प्रबंधन समिति के पदाधिकारी, नगर पंचायत कोंटा के पार्षद, ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि, जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में पालक-अभिभावक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का आयोजन जिला शिक्षा विभाग, सुकमा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। स्वागत भाषण में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा पीएम श्री स्कूल योजना की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि इस योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
समारोह की शुरुआत स्वागत नृत्य से हुई। कक्षा पहली से बारहवीं तक के विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, लोकनृत्य, समूह गान और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। रंगारंग प्रस्तुतियों ने पूरे परिसर को उत्साह और उल्लास से भर दिया तथा दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण पूर्व छात्र समागम (एलुमिनी मीट) रहा। विद्यालय के पूर्व विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों द्वारा उनका पारंपरिक स्वागत कर स्मृति चिह्न भेंट किए गए। पूर्व छात्रों ने विद्यालय में बिताए अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इसी संस्था से उन्हें अनुशासन, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली, जिसके कारण आज वे विभिन्न क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं।
इस अवसर पर कक्षा पहली से बारहवीं तक के हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम के मेधावी विद्यार्थियों को मंच पर सम्मानित कर पुरस्कार प्रदान किए गए। पुरस्कार पाकर विद्यार्थियों के चेहरे पर आत्मविश्वास और प्रसन्नता स्पष्ट दिखाई दी।
अपने प्रेरक संबोधन में मुख्य अतिथि कुसुमलता कवासी ने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार और आत्मविश्वास का मजबूत आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे बड़े सपने देखें, निरंतर कड़ी मेहनत करें और लक्ष्य प्राप्ति तक रुकें नहीं। उन्होंने विद्यालय में प्रस्तुत अनुशासित एवं प्रभावशाली सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना करते हुए इसे शिक्षकों के समर्पण और विद्यार्थियों की प्रतिभा का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को मंच प्रदान करते हैं, जिससे उनमें नेतृत्व क्षमता, अभिव्यक्ति कौशल और आत्मविश्वास का विकास होता है। अन्य अतिथियों ने भी विद्यालय की प्रगति की सराहना करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम का संचालन संस्था की शिक्षिका कुमारी लक्ष्मी मरकाम एवं शैलजा बोड्डू द्वारा किया गया। समापन अवसर पर प्रधान अध्यापक ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। “तरंग” वार्षिकोत्सव ने न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच दिया, बल्कि विद्यालय और समाज के बीच मजबूत संबंधों को भी सुदृढ़ किया।