उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने केंद्रीय खेल मंत्री से की मुलाकात, छत्तीसगढ़ में खेल अधोसंरचना विस्तार का रखा प्रस्ताव

उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव ने नई दिल्ली में केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में साई रीजनल सेंटर, नेशनल सेंटर ऑफ एक्सिलेंस और खेलो इंडिया एक्सिलेंस सेंटर की स्वीकृति का अनुरोध किया।

Jan 29, 2026 - 11:00
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उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने केंद्रीय खेल मंत्री से की मुलाकात, छत्तीसगढ़ में खेल अधोसंरचना विस्तार का रखा प्रस्ताव

UNITED NEWS OF ASIA.अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से भेंट कर छत्तीसगढ़ में खेल प्रशिक्षण एवं अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए राज्य शासन के महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की। उन्होंने राज्य में खेल प्रतिभाओं के समग्र विकास हेतु केंद्र सरकार से आवश्यक स्वीकृतियाँ प्रदान करने का अनुरोध किया।

उप मुख्यमंत्री  साव ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खेलो इंडिया योजना के अंतर्गत कुल 23 खेल अधोसंरचना परियोजनाओं के प्रस्ताव मंत्रालय को भेजे गए हैं। इन प्रस्तावों में खेल मैदान, प्रशिक्षण केंद्र, छात्रावास तथा अन्य आधुनिक खेल सुविधाओं का निर्माण शामिल है। उन्होंने इन सभी प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया।

 साव ने विशेष रूप से भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के रीजनल सेंटर, नेशनल सेंटर ऑफ एक्सिलेंस (NCOE) की स्थापना, लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआईपीई), ग्वालियर के क्षेत्रीय केंद्र की स्वीकृति तथा बिलासपुर में खेलो इंडिया एक्सिलेंस सेंटर में दो अतिरिक्त खेलों को शामिल करने का प्रस्ताव रखा। इसके साथ ही उन्होंने रायपुर में टेनिस के लिए खेलो इंडिया एक्सिलेंस सेंटर स्वीकृत करने का भी अनुरोध किया।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन वर्तमान में राज्य की कोचिंग व्यवस्था और खेल विज्ञान अधोसंरचना राष्ट्रीय मानकों से नीचे है। इसी कारण कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उचित प्रशिक्षण और संसाधन नहीं मिल पाते। छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य राज्य एवं जिला स्तर के खिलाड़ियों को आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।

राज्य शासन ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए उच्च स्तरीय एथलीट तैयार करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। प्रस्तावित केंद्रों के माध्यम से राज्य के खिलाड़ी एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, जूडो, बैडमिन्टन, वेटलिफ्टिंग, क्याकिंग-कैनोइंग, बास्केटबॉल और वॉलीबॉल जैसे खेलों में गुणवत्तापूर्ण एवं व्यवस्थित प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।

यह पहल छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।