उप मुख्यमंत्री अरुण साव बोले: निर्बाध जलापूर्ति के लिए पेयजल योजनाओं का प्रभावी संचालन और अनुरक्षण जरूरी
उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने नई दिल्ली में आयोजित जल जीवन मिशन के राष्ट्रीय नीति संवाद में भाग लेकर छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पेयजल योजनाओं के संचालन एवं अनुरक्षण पर राज्य के अनुभव और सुझाव साझा किए।
UNITED NEWS OF ASIA.अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पेयजल योजनाओं का प्रभावी संचालन एवं अनुरक्षण (O&M) अत्यंत आवश्यक है। यह बात उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने नई दिल्ली में आयोजित जल जीवन मिशन के राष्ट्रीय नीति संवाद में कही।
भारत सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण पेयजल सेवाओं के सतत संचालन एवं अनुरक्षण को लेकर आयोजित मिनिस्टर्स लेवल पॉलिसी डायलॉग ऑन सस्टेनेबल O&M ऑफ रुरल ड्रिंकिंग वाटर सर्विसेस में देशभर के राज्यों के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ शामिल हुए। इस नीति संवाद की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल एवं केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह ने की।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बैठक में छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के तहत किए जा रहे कार्यों, जमीनी स्तर पर सामने आ रही चुनौतियों और राज्य की प्रमुख उपलब्धियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मिशन के अंतर्गत निर्मित पेयजल योजनाओं को पंचायतों को हस्तांतरित करने के बाद उनका सुचारु संचालन एवं समयबद्ध अनुरक्षण सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय तक स्थायी जलापूर्ति बनी रह सके।
साव ने जोर देते हुए कहा कि पंचायतों की सक्रिय भूमिका, स्थानीय समुदाय की सहभागिता और तकनीकी सहयोग ही सस्टेनेबल पेयजल व्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने सुझाव दिया कि O&M के लिए पंचायत स्तर पर क्षमता निर्माण, वित्तीय प्रबंधन और तकनीकी प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
नीति संवाद के दौरान केंद्र सरकार एवं विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों के बीच पंचायतों को हस्तांतरित पेयजल योजनाओं के संचालन, रखरखाव, वित्तीय स्थिरता और दीर्घकालिक समाधान पर गहन मंथन किया गया। राज्यों से प्राप्त व्यावहारिक अनुभवों और नवाचारों को साझा करते हुए जलापूर्ति व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और जनहितकारी बनाने पर सहमति बनी।
इस बैठक में छत्तीसगढ़ शासन की ओर से जल जीवन मिशन के मिशन संचालक जितेंद्र शुक्ला, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता ओंकेश चंद्रवंशी, अधीक्षण अभियंता ए.के. मालवे एवं कार्यपालन अभियंता संजय राठौर ने भी भाग लिया।
यह नीति संवाद ग्रामीण भारत में सतत और प्रभावी पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।