हर ग्रामीण परिवार को सुरक्षित और सतत पेयजल उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य: उपमुख्यमंत्री अरुण साव जल जीवन मिशन से छत्तीसगढ़ में पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को शुद्ध और सतत पेयजल उपलब्ध कराना है। जल जीवन मिशन के तहत 41.87 लाख से अधिक घरेलू नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं और 5,564 ग्रामों को ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित किया गया है।

Jan 17, 2026 - 12:52
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हर ग्रामीण परिवार को सुरक्षित और सतत पेयजल उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य: उपमुख्यमंत्री अरुण साव जल जीवन मिशन से छत्तीसगढ़ में पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार

 UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर  छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के प्रभावी, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिला है। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री  अरुण साव ने नवा रायपुर अटल नगर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी।

उपमुख्यमंत्री  साव ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत अब तक 41 लाख 87 हजार 27 घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं, जिससे 32 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल की सुविधा मिल रही है। मिशन लागू होने से पहले प्रदेश में मात्र 3 लाख 19 हजार 741 घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध थे, जबकि वर्तमान सरकार के पिछले दो वर्षों में इसमें अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, शुद्ध और सतत पेयजल उपलब्ध कराया जाए तथा छत्तीसगढ़ को शीघ्र ही ‘हर घर जल’ राज्य के रूप में स्थापित किया जाए।

प्रेस वार्ता में जानकारी दी गई कि वर्तमान में 6,572 ग्रामों में शत-प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन पूर्ण हो चुके हैं। इनमें से 5,564 ग्रामों को ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित किया गया है, जबकि 4,544 ग्रामों को विधिवत प्रमाणन प्राप्त हो चुका है। बीते दो वर्षों में प्रमाणित ग्रामों की संख्या में 750 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही 5,088 ग्राम पंचायतों को जलापूर्ति व्यवस्थाओं का हस्तांतरण भी किया जा चुका है।

उपमुख्यमंत्री  साव ने बताया कि जल जीवन मिशन से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में 3,08,287 हैंडपंप, 4,440 नल-जल योजनाएं और 2,132 स्थल जल प्रदाय योजनाएं संचालित थीं। वर्तमान में 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं प्रगतिरत हैं, जिनसे 3,208 ग्राम लाभान्वित हो रहे हैं और 9.85 लाख से अधिक घरेलू नल कनेक्शन जोड़े जा चुके हैं।

जल गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं संचालित हैं, जिनमें से 47 प्रयोगशालाएं एनएबीएल मान्यता प्राप्त हैं। आमजन की सुविधा हेतु टोल फ्री नंबर 1800-233-0008 के माध्यम से पेयजल संबंधी शिकायतों का त्वरित समाधान किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा रही है। बीते दो वर्षों में दोषपूर्ण कार्यों पर 28.38 करोड़ रुपये से अधिक का अर्थदंड, 629 अनुबंध निरस्त और 11 फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया है।

उपमुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि शेष 8 लाख घरेलू नल कनेक्शन, अधूरी योजनाओं को पूर्ण करना और समूह जल प्रदाय योजनाओं को समय-सीमा में पूरा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।