महासमुंद में सुरों का संगम, 'गाइये और छा जाइये' कार्यक्रम में शामिल हुए विधायक अनुज शर्मा

महासमुंद में आयोजित भव्य संगीत प्रतियोगिता 'गाइये और छा जाइये' में विधायक अनुज शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में कलाकारों और उभरते गायकों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। अनुज शर्मा ने युवाओं को अपनी कला, संस्कृति और प्रतिभा को पहचानकर आगे बढ़ने का संदेश दिया तथा विजेताओं को सम्मानित किया।

Jun 7, 2026 - 10:37
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महासमुंद में सुरों का संगम, 'गाइये और छा जाइये' कार्यक्रम में शामिल हुए विधायक अनुज शर्मा

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l महासमुंद शहर में संगीत, कला और संस्कृति को समर्पित भव्य कार्यक्रम 'गाइये और छा जाइये' का आयोजन उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस संगीत प्रतियोगिता में धरसींवा विधायक एवं छत्तीसगढ़ी फिल्म जगत के लोकप्रिय कलाकार अनुज शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।

कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रतिभाशाली कलाकारों और उभरते गायकों ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया। देर रात तक चले इस सांस्कृतिक आयोजन में संगीत प्रेमियों की बड़ी संख्या मौजूद रही। मंच पर प्रस्तुत किए गए गीतों ने माहौल को सुरमय बना दिया और दर्शकों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर अनुज शर्मा ने कलाकारों और युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि संगीत, कला और संस्कृति छत्तीसगढ़ की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की परंपराओं में गीत-संगीत का विशेष स्थान रहा है और यहां के लोगों के जीवन का हर महत्वपूर्ण पड़ाव संगीत से जुड़ा होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं होते, बल्कि प्रतिभाओं को पहचान दिलाने और उन्हें आगे बढ़ाने का अवसर भी प्रदान करते हैं।

अनुज शर्मा ने युवाओं से अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं पर गर्व करने का आह्वान करते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपनी जड़ों से जुड़ा रहता है, वही जीवन में बड़ी सफलताएं हासिल करता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब आधुनिकता के प्रभाव से लोग अपनी सांस्कृतिक विरासत से दूर होते जा रहे हैं, ऐसे आयोजनों का महत्व और भी बढ़ जाता है। महासमुंद के युवाओं में कला और संस्कृति के प्रति दिखाई दे रहे उत्साह को उन्होंने छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल सांस्कृतिक भविष्य का संकेत बताया।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी में कला और संस्कृति की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अनेक प्रतिभाएं ऐसी हैं जिन्हें उचित मंच नहीं मिल पाता। 'गाइये और छा जाइये' जैसे आयोजन उन प्रतिभाओं को सामने लाने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने युवाओं को अपनी प्रतिभा को निखारने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान प्रतियोगिता के विजेताओं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अनुज शर्मा ने आयोजकों के प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों को सहयोग देने का भरोसा दिलाया।

इस अवसर पर कमल जैन सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, संगीत प्रेमी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि कला और संस्कृति के संरक्षण तथा युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन का मजबूत संदेश भी दिया।