अफवाहों से मची अफरा-तफरी: पेट्रोल पंपों पर उमड़ी भीड़, संचालकों ने कहा—कमी नहीं
आलीराजपुर में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहों के चलते पंपों पर भारी भीड़ देखने को मिली। हालांकि संचालकों और प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले में ईंधन का पर्याप्त भंडारण है और सप्लाई नियमित रूप से जारी है।
UNITED NEWS OF ASIA. मुस्तकीम मुगल, आलीराजपुर। जिले में पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर फैली अफवाहों ने अचानक अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। सोमवार देर रात से ही शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर दुपहिया और चार पहिया वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं, जो मंगलवार सुबह तक जारी रहीं।
अफवाह यह थी कि जिले में पेट्रोल और डीजल का स्टॉक खत्म हो रहा है, जिसके चलते लोग घबराकर बड़ी संख्या में पेट्रोल पंपों पर पहुंच गए। कई वाहन चालक जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवाते और कुछ लोग अतिरिक्त स्टॉक करते हुए भी नजर आए। इस अचानक बढ़ी भीड़ के कारण पंपों पर अव्यवस्था की स्थिति बन गई और लोगों को काफी देर तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
हालांकि, पेट्रोल पंप संचालकों ने इन अफवाहों को पूरी तरह निराधार बताया है। पंप संचालक अर्पण देसाई और राजेश राठौड़ ने स्पष्ट किया कि जिले में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडारण मौजूद है। उन्होंने कहा कि ईंधन की सप्लाई पूरी तरह से नियमित है और कहीं भी किसी प्रकार की कमी नहीं है।
संचालकों के अनुसार, नियमित रूप से टैंकर जिले में पहुंच रहे हैं और मंगलवार शाम को भी पेट्रोल-डीजल से भरे वाहन आने वाले हैं। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से पेट्रोल पंपों पर भीड़ न लगाएं। इससे न केवल व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि जरूरतमंद लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच जिला प्रशासन भी सतर्क नजर आया। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई भी की जा सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया और आपसी बातचीत के माध्यम से यह अफवाह तेजी से फैली, जिसके कारण अचानक हालात बिगड़ गए। हालांकि कुछ समय बाद जब वास्तविक स्थिति स्पष्ट हुई, तो लोगों में धीरे-धीरे सामान्य स्थिति लौटने लगी।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अफवाहें किस तरह से आम जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में आवश्यक है कि लोग किसी भी जानकारी पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि करें और जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करें।