तेंदुवा धाम में 9 दिवसीय श्रीराम कथा का भव्य शुभारंभ, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लिया संतों का आशीर्वाद

जांजगीर-चांपा के तेंदुवा धाम में 9 दिवसीय श्रीराम कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संतों का आशीर्वाद लेकर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

Apr 28, 2026 - 16:48
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तेंदुवा धाम में 9 दिवसीय श्रीराम कथा का भव्य शुभारंभ, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लिया संतों का आशीर्वाद

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव l  छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण स्थित तेंदुवा धाम में 9 दिवसीय श्रीराम कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। इस पावन अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने राम मिलेंगे आश्रम पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पद्म विभूषण से सम्मानित Jagadguru Rambhadracharya महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की यह पावन भूमि भगवान श्रीराम के चरणों से धन्य रही है और यहां आस्था, समर्पण तथा सेवा की अद्भुत परंपरा देखने को मिलती है। उन्होंने वनवास काल में भगवान श्रीराम के आगमन और माता शबरी की भक्ति का उल्लेख करते हुए इस क्षेत्र की धार्मिक महत्ता को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री  साय ने अपने संबोधन में कहा कि तेंदुवा धाम आज धार्मिक और सांस्कृतिक जागरण का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है, जहां हजारों श्रद्धालु एक साथ श्रीराम कथा का श्रवण कर रहे हैं। उन्होंने इसे अपने लिए सौभाग्यपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि एक ही मंच पर अनेक संतों का सान्निध्य प्राप्त होना विशेष अनुभव है।

इस अवसर पर आश्रम परिसर में हरिवंश औषधालय एवं पंचकर्म केंद्र, श्री राम-जानकी मंडपम, हरिवंश वैदिक पाठशाला, मां दुर्गा गौ मंदिर और हनुमत प्रवेश द्वार सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक संस्थानों का लोकार्पण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने इन कार्यों के लिए आश्रम प्रबंधन और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल “धान का कटोरा” ही नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और आस्था की भूमि भी है। उन्होंने अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण के दौरान छत्तीसगढ़ से 11 ट्रक चावल भेजे जाने और चिकित्सकों की टीम के योगदान का उल्लेख करते हुए इसे प्रदेशवासियों की गहरी श्रद्धा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि लगभग 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भगवान श्रीराम भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं, जो देश की सांस्कृतिक एकता और गौरव का प्रतीक है।

उन्होंने आगे कहा कि श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन कर लाभान्वित हो रहे हैं। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah के मार्गदर्शन में प्रदेश में शांति और विकास की दिशा में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख किया।

इस अवसर पर परमपूज्य वासुदेवनंद सरस्वती महाराज, किन्नर अखाड़ा प्रमुख मां टीना सहित अनेक संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति में विभिन्न धार्मिक-सांस्कृतिक परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया।

राघव सेवा समिति के प्रमुख डॉ. अशोक हरिवंश ने जानकारी दी कि यह स्थल माता शबरी की जन्मभूमि शिवरीनारायण में स्थित है, जहां ‘कलिंग शैली’ में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। आश्रम में औषधालय, वैदिक विद्यालय, गौ मंदिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर, गीता वाटिका, शबरी रसोई और निर्धन कन्या विवाह जैसी अनेक सामाजिक-धार्मिक पहल संचालित की जा रही हैं।

कार्यक्रम में सांसद कमलेश जांगड़े, महंत  रामसुंदर दास सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। यह आयोजन क्षेत्र में धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर उभरा है।