खैरागढ़ में ‘हमर क्लिनिक’ भवन में संदिग्ध आग, शुरू होने से पहले ही जली लाखों की स्वास्थ्य सुविधा
खैरागढ़ के अमलीपारा में ‘हमर क्लिनिक’ भवन में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगने से लाखों की संपत्ति जल गई। बिजली कनेक्शन न होने से शॉर्ट सर्किट की संभावना खारिज, पुलिस जांच में जुटी।
UNITED NEWS OF ASIA. मनोहर सेन, खैरागढ़। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बनाई गई ‘हमर क्लिनिक’ योजना एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। जिला मुख्यालय के वार्ड क्रमांक 12 अमलीपारा स्थित क्लिनिक भवन में सोमवार देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई, जिससे लाखों रुपये की संपत्ति जलकर खाक हो गई। हैरानी की बात यह है कि यह क्लिनिक अभी तक आम जनता के लिए शुरू भी नहीं हो पाया था।
जानकारी के अनुसार, उक्त क्लिनिक का निर्माण स्थानीय लोगों को निःशुल्क ओपीडी, प्राथमिक उपचार, दवाइयां और बेसिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था। लेकिन निर्माण के कई महीनों बाद भी यहां स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं हो सकीं। इसके बजाय स्वास्थ्य विभाग ने इस भवन का उपयोग राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम ‘चिरायु’ के दस्तावेजों को रखने के लिए स्टोर रूम के रूप में करना शुरू कर दिया था।
सोमवार रात अचानक भवन में आग लग गई, जिससे वहां रखे चिरायु योजना से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, रजिस्टर और फाइलें जलकर पूरी तरह नष्ट हो गईं। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोग मौके पर इकट्ठा हो गए।
इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी Dr. Ashish Sharma ने बताया कि भवन में अभी तक बिजली कनेक्शन शुरू नहीं हुआ था, जिससे शॉर्ट सर्किट से आग लगने की संभावना को खारिज किया जा रहा है। इस बयान के बाद आगजनी को लेकर साजिश की आशंका और गहरा गई है। अब यह सवाल उठ रहा है कि आखिर बिना बिजली के इस भवन में आग कैसे लगी।
अमलीपारा वार्ड को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है, जहां स्थानीय विधायक और नगर पालिका अध्यक्ष का निवास भी है। इसके बावजूद यहां स्थित क्लिनिक का संचालन शुरू न होना और सुरक्षा व्यवस्था का अभाव प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर क्लिनिक शुरू कर दिया गया होता, तो न केवल लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मिलतीं बल्कि भवन की सुरक्षा भी बेहतर होती।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और संभावित कारणों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले का खुलासा किया जाएगा।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह महज एक दुर्घटना थी या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा।
फिलहाल ‘हमर क्लिनिक’ योजना की स्थिति और इस आगजनी की घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।