खैरागढ़-कवर्धा सड़क घोटाले के आरोप: 6.39 करोड़ की सड़क दो साल में उखड़ी, आंदोलन की चेतावनी

खैरागढ़-कवर्धा मार्ग पर करोड़ों की लागत से बनी सड़क दो साल में जर्जर होने पर PWD पर गंभीर आरोप लगे हैं। कांग्रेस ने दोषियों पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

Mar 23, 2026 - 18:27
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खैरागढ़-कवर्धा सड़क घोटाले के आरोप: 6.39 करोड़ की सड़क दो साल में उखड़ी, आंदोलन की चेतावनी

UNITED NEWS OF ASIA. मनोहर सेन, खैरागढ़ | खैरागढ़ से कवर्धा को जोड़ने वाले स्टेट हाईवे क्रमांक-05 की बदहाल स्थिति को लेकर लोक निर्माण विभाग (PWD) एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। करोड़ों रुपए की लागत से बनी यह सड़क महज दो वर्षों में ही जर्जर हो गई है, जिससे क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश है।

शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष डॉ. अरुण भारद्वाज ने विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह मामला केवल लापरवाही नहीं बल्कि ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत का परिणाम है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन और चक्का जाम करेगी।

इस सड़क के निर्माण के लिए 22 दिसंबर 2020 को 639.10 लाख रुपए स्वीकृत किए गए थे, जिसमें से अब तक 439.75 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है। ठेकेदार संजय सिंधी को 7 अगस्त 2021 को कार्यादेश दिया गया था और काम 15 अक्टूबर 2021 से शुरू हुआ। विभागीय रिकॉर्ड में 3 फरवरी 2024 को कार्य पूर्ण बताया गया, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। करीब 16 किलोमीटर लंबी यह सड़क जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है।

डॉ. भारद्वाज का आरोप है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता से समझौता किया गया और बाद में संधारण कार्य भी नहीं कराया गया। उन्होंने कहा कि ठेकेदार से ली गई परफॉर्मेंस गारंटी (PG) के बावजूद चार साल में सड़क की हालत सुधारने के कोई प्रयास नहीं हुए।

सड़क की पीजी अवधि 2 फरवरी 2029 तक है, फिर भी नियमित मरम्मत नहीं की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायत के बाद केवल औपचारिकता के तौर पर ‘थूक-पॉलिश’ जैसी सतही मरम्मत की जाती है, जो कुछ ही दिनों में फिर से खराब हो जाती है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता, दुर्ग परिक्षेत्र ने 18 मार्च 2026 को कार्यपालन अभियंता को कड़ी फटकार लगाई है। उन्होंने इसे घोर लापरवाही मानते हुए अधिकारियों से दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है और अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

इसके बावजूद जमीनी स्तर पर कोई ठोस सुधार नहीं दिख रहा है। नागरिकों ने 439.75 लाख रुपए के भुगतान पर भी सवाल उठाए हैं और इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि इतने खराब निर्माण कार्य के बावजूद इतनी बड़ी राशि का भुगतान कैसे किया गया, यह गंभीर जांच का विषय है।

इस मामले में कार्यपालन अभियंता पी. सिंह दीवान ने कहा है कि ठेकेदार को जल्द मरम्मत कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, जनता और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि अब केवल निर्देश नहीं, बल्कि सख्त कार्रवाई की जरूरत है।

यह मुद्दा अब राजनीतिक और जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो खैरागढ़ क्षेत्र में सड़क के मुद्दे पर बड़ा आंदोलन देखने को मिल सकता है।