धमधा के स्कूलों में बीईओ का औचक निरीक्षण, लापरवाही पर नोटिस और बेहतर प्रदर्शन पर सराहना

धमधा विकासखंड के कई शासकीय विद्यालयों में बीईओ अथर्व शर्मा और एबीईओ कैलाश साहू ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता की जांच की गई। जहां बेहतर प्रदर्शन मिला वहां प्रशंसा की गई, जबकि अनुपस्थित शिक्षकों और रसोइयों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।

Jul 4, 2026 - 16:01
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धमधा के स्कूलों में बीईओ का औचक निरीक्षण, लापरवाही पर नोटिस और बेहतर प्रदर्शन पर सराहना

UNITED NEWS OF ASIA. हेमंत पाल, धमधा l धमधा विकासखंड में शासकीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग द्वारा सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। स्कूल शिक्षा मंत्री के निर्देश और जिला शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में विकासखंड शिक्षा अधिकारी अथर्व शर्मा तथा सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी कैलाश साहू की संयुक्त टीम ने कई विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने केवल उपस्थिति की जांच ही नहीं की, बल्कि कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों के अधिगम स्तर, शिक्षकों की कार्यप्रणाली और विद्यालय की व्यवस्थाओं का भी विस्तृत मूल्यांकन किया।

निरीक्षण के दौरान घोटवानी, डीहपारा, भाठाकोकड़ी, हीरेतरा, खैरझिटी और धूमा सहित कई शासकीय विद्यालयों का जायजा लिया गया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय घोटवानी में अधिकारियों ने कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी शैक्षणिक तैयारी का आकलन किया। इस दौरान विद्यार्थियों का अधिगम स्तर संतोषजनक पाया गया। विद्यालय में विकसित प्रिंट-रिच वॉल और शैक्षणिक वातावरण की भी अधिकारियों ने सराहना की।

हालांकि इसी विद्यालय में छह रसोइयों में से तीन के अनुपस्थित पाए जाने पर शिक्षा अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित रसोइयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। वहीं हायर सेकेंडरी स्कूल घोटवानी में कक्षा 12वीं के अंग्रेजी विषय का प्रदर्शन अपेक्षित स्तर का नहीं मिलने पर प्राचार्य और संबंधित व्याख्याता को शिक्षण गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए गए। साथ ही कक्षा 9वीं से 12वीं तक अतिरिक्त प्रायोगिक कक्षाएं संचालित करने और विद्यालय परिसर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

निरीक्षण के दौरान पूर्व माध्यमिक शाला अकोली और आगार में भी कुछ शिक्षक अनुपस्थित मिले। इस पर संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। वहीं पूर्व माध्यमिक शाला हीरेतरा में कक्षाओं की प्रकाश व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर प्रधान पाठक को एक सप्ताह के भीतर सभी कमरों में ट्यूबलाइट लगाने के निर्देश दिए गए।

दूसरी ओर शासकीय प्राथमिक शाला खैरझिटी निरीक्षण दल के लिए प्रेरणादायक उदाहरण साबित हुई। यहां दूसरी से पांचवीं कक्षा तक के अधिकांश विद्यार्थी धाराप्रवाह हिंदी पढ़ते मिले तथा उन्हें 15 तक के पहाड़े भी अच्छी तरह याद थे। बच्चों की शैक्षणिक तैयारी और शिक्षकों की मेहनत की अधिकारियों ने खुलकर प्रशंसा की।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी अथर्व शर्मा ने कहा कि निरीक्षण अभियान का उद्देश्य केवल कमियां ढूंढ़ना नहीं, बल्कि विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना, अनुशासन स्थापित करना और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां उत्कृष्ट कार्य होगा वहां संबंधित शिक्षकों और विद्यालयों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी। शिक्षा विभाग का यह निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा ताकि सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनाई जा सके।