सिवनी में लोकतंत्र की पाठशाला, स्वामी आत्मानंद विद्यालय में हुआ बाल संसद चुनाव

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के सिवनी स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय में बाल संसद चुनाव का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लेकर अपने प्रतिनिधियों का चयन किया और लोकतंत्र, नेतृत्व, जिम्मेदारी व निर्णय लेने की प्रक्रिया का व्यवहारिक अनुभव प्राप्त किया।

Aug 8, 2026 - 15:08
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सिवनी में लोकतंत्र की पाठशाला, स्वामी आत्मानंद विद्यालय में हुआ बाल संसद चुनाव

UNITED NEWS OF ASIA. अवास कैवर्त, गौरेला पेंड्रा मरवाही l गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के सिवनी स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय में बाल संसद चुनाव का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदान प्रक्रिया की व्यवहारिक जानकारी देना था। चुनाव में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और मतदान के माध्यम से अपने प्रतिनिधियों का चयन किया।

विद्यालय परिसर में आयोजित बाल संसद चुनाव के दौरान विद्यार्थियों ने मतदाता की भूमिका निभाते हुए अपनी पसंद के प्रतिनिधियों के पक्ष में मतदान किया। मतदान से लेकर प्रतिनिधियों के चयन तक की पूरी प्रक्रिया को लोकतांत्रिक तरीके से संचालित किया गया। इस गतिविधि के जरिए विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि लोकतंत्र में मतदान, प्रतिनिधित्व और जिम्मेदारी का क्या महत्व है।

बाल संसद में विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग विभागों के मंत्री पद निर्धारित किए गए। इनमें प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री, वित्त मंत्री, खेल मंत्री, पर्यावरण मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, कृषि एवं उद्योग मंत्री तथा कानून एवं रक्षा मंत्री जैसे पद शामिल रहे। इन पदों के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न जिम्मेदारियों को समझने और उन्हें निभाने का अवसर मिला।

बाल संसद चुनाव केवल प्रतिनिधियों के चयन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके जरिए विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता, अनुशासन, जिम्मेदारी और टीमवर्क की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया। विद्यार्थियों ने चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी कर लोकतांत्रिक मूल्यों को करीब से समझा।

विद्यालय के प्राचार्य ओ. पी. सूर्यवंशी के मार्गदर्शन में आयोजित इस चुनाव में यूथ एवं इको क्लब प्रभारी आर. एल. साहू की भी सक्रिय भूमिका रही। उनके मार्गदर्शन और विद्यालय के समस्त शिक्षकों के सहयोग से बाल संसद चुनाव को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया।

इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि लोकतंत्र केवल किताबों में पढ़ने का विषय नहीं है, बल्कि इसे व्यवहारिक रूप से समझना भी जरूरी है। छोटी उम्र से ही बच्चों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया, नेतृत्व और जिम्मेदारियों से जोड़ने से उनमें आत्मविश्वास तथा निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने में मदद मिल सकती है।

बाल संसद के जरिए विद्यार्थियों ने अपने प्रतिनिधि चुनने के साथ ही मतदान के महत्व और प्रतिनिधित्व की जिम्मेदारी को भी समझा। यह गतिविधि उन्हें भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करने वाली शैक्षणिक पहल साबित हुई।

कुल मिलाकर, सिवनी के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय में आयोजित बाल संसद चुनाव ने विद्यालय परिसर को लोकतंत्र की एक छोटी प्रयोगशाला में बदल दिया। विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह साबित किया कि लोकतांत्रिक मूल्यों की नींव बचपन से मजबूत की जाए तो भविष्य में जागरूक, जिम्मेदार और नेतृत्व क्षमता से संपन्न नागरिक तैयार किए जा सकते हैं।