दुर्ग में 367 निर्माण कार्यों को मंजूरी, 17.33 करोड़ रुपये की स्वीकृति

दुर्ग जिले में ग्रामीण विकास से जुड़े 367 निर्माण कार्यों के लिए 1,733.62 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा रोजगार गारंटी योजना के तहत 1,128 कार्यों के लिए 3,656.76 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला पंचायत प्रतिनिधियों से संवाद कर कार्यों की प्रगति, स्थानीय जरूरतों और मैदानी स्तर की चुनौतियों की जानकारी ली। बैठक में जल संरक्षण, स्कूल, आंगनबाड़ी, बालिका शौचालय और अन्य उपयोगी कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।

Sep 22, 2026 - 18:16
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दुर्ग में 367 निर्माण कार्यों को मंजूरी, 17.33 करोड़ रुपये की स्वीकृति

UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग l ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला पंचायत अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और सदस्यों से संवाद किया। बैठक में जिलों में स्वीकृत कार्यों, उनकी प्रगति और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी ली गई। दुर्ग जिले में 367 निर्माण कार्यों के लिए 1,733.62 लाख रुपये तथा रोजगार गारंटी योजना के तहत 1,128 कार्यों के लिए 3,656.76 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।

इस तरह जिले में कुल 1,495 कार्यों के लिए 5,390.38 लाख रुपये यानी करीब 53.90 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जिला पंचायत प्रतिनिधियों से बारी-बारी संवाद करते हुए योजना के संचालन और मैदानी स्तर पर सामने आ रही कठिनाइयों के बारे में जानकारी ली।

विजय शर्मा ने बताया कि VB-G RAM-G के तहत अनुमेय कार्यों में से स्थानीय जरूरतों के अनुसार कार्यों का चयन और स्वीकृति की जा सकती है। उन्होंने ग्राम पंचायतों में पर्याप्त संख्या में कार्य स्वीकृत किए जाने की जानकारी देते हुए कहा कि ग्राम सभा के माध्यम से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप नए कार्य भी लिए जा सकते हैं।

बैठक में मजदूरी और सामग्री के बीच 60:40 का अनुपात बनाए रखने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही कम से कम 30 प्रतिशत कार्य जल संरक्षण से संबंधित रखने की बात कही गई। ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए स्कूल, आंगनबाड़ी, बालिका शौचालय, मुक्तिधाम शेड और खराब हो चुके बोरवेल के रिचार्ज जैसे उपयोगी कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी बैठक में विशेष चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ऋचा शर्मा ने स्वीकृत निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर निगरानी रखने की आवश्यकता बताई। उन्होंने जानकारी दी कि निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए जल्द क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किए जाएंगे, जिससे कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति पर नजर रखी जा सके।

VB-G RAM-G के आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा ने जिला पंचायत प्रतिनिधियों के तकनीकी सवालों का समाधान किया। उन्होंने बताया कि किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खेत सड़क और धरसा को भी अनुमेय कार्यों में शामिल किया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि से संबंधित आवागमन की जरूरतों के लिए स्थानीय स्तर पर कार्यों का चयन किया जा सकेगा।

बैठक में विभिन्न योजनाओं के अभिसरण यानी Convergence से संबंधित भारत सरकार के नोटिफिकेशन को लेकर भी जानकारी साझा की गई। बताया गया कि इस संबंध में अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा मनरेगा के लंबित भुगतान से संबंधित विषय को लेकर भारत सरकार को पत्र भेजे जाने की जानकारी भी बैठक में दी गई।

इस बैठक का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वीकृत कार्यों को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप आगे बढ़ाना, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर निगरानी रखना और रोजगार तथा जल संरक्षण से जुड़े कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना रहा।