देवेन्द्र नगर के स्कूल में साइबर जागरूकता कार्यक्रम, विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी से बचाव की दी जानकारी

पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के साइबर जागृति अभियान के तहत श्री बालाजी विद्या मंदिर, देवेन्द्र नगर में साइबर जागरूकता एवं संवाद से समाधान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी, फर्जी KYC, सोशल मीडिया फ्रॉड, संदिग्ध लिंक, OTP और पासवर्ड से जुड़ी सावधानियों की जानकारी दी गई। साथ ही गुड टच और बैड टच के बारे में भी बच्चों को जागरूक किया गया। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करने की जानकारी दी गई।

Aug 21, 2026 - 07:35
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देवेन्द्र नगर के स्कूल में साइबर जागरूकता कार्यक्रम, विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी से बचाव की दी जानकारी

UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा आम नागरिकों और विद्यार्थियों को बढ़ते साइबर अपराधों तथा ऑनलाइन ठगी से बचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के तहत पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के सेंट्रल जोन स्थित थाना देवेन्द्र नगर क्षेत्र के श्री बालाजी विद्या मंदिर में साइबर जागरूकता एवं संवाद से समाधान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की जानकारी देना और उन्हें साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना रहा।

पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन दीपमाला कश्यप और पुलिस उपायुक्त सेंट्रल जोन तारकेश्वर पटेल के पर्यवेक्षण में पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान बच्चों को साइबर अपराधों से बचने के लिए जरूरी सावधानियों की जानकारी दी गई।

पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन दीपमाला कश्यप ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल और ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सावधानी बरतने की समझाइश दी। उन्होंने कहा कि अनजान लोगों से ऑनलाइन बातचीत करते समय व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। किसी संदिग्ध गतिविधि या परेशानी की स्थिति में तत्काल माता-पिता, शिक्षकों या पुलिस को जानकारी देने के लिए भी विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को समझाया गया कि किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए। अनजान APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही OTP, PIN, CVV और पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गई। विद्यार्थियों को फर्जी KYC अपडेट, बैंक अधिकारी बनकर की जाने वाली ठगी, ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाले फ्रॉड और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली साइबर ठगी से सतर्क रहने की जानकारी दी गई।

संवाद से समाधान कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों से उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा और साइबर अपराधों से जुड़े विषयों पर बातचीत की गई। बच्चों को बताया गया कि किसी भी तरह की परेशानी, दबाव या संदेह की स्थिति में चुप रहने के बजाय भरोसेमंद अभिभावक, शिक्षक या पुलिस से तुरंत संपर्क करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को गुड टच और बैड टच के बारे में भी विस्तार से समझाया गया और व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर जागरूक किया गया।

पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा का संदेश अपने परिवार तक पहुंचाने के लिए भी प्रेरित किया। बच्चों से कहा गया कि वे घर जाकर अपने माता-पिता और अन्य परिजनों को भी ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी दें। इससे साइबर जागरूकता का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए। समय पर शिकायत दर्ज कराने से ठगी की रकम को रोकने और मामले में कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है। पुलिस ने विद्यार्थियों से डिजिटल दुनिया में सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने की अपील की।

छत्तीसगढ़ पुलिस का साइबर जागृति अभियान नागरिकों और विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देने की दिशा में चलाया जा रहा है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कीं और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने का संदेश लेकर अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की प्रतिबद्धता दिखाई।