शिक्षक समाज के शिल्पकार, उनके संस्कारों से बनता राष्ट्र का भविष्य : पुरन्दर मिश्रा
शिक्षक दिवस के अवसर पर फाफाडीह स्थित स्वामी आत्मानंद शहीद स्मारक उत्कृष्ट विद्यालय में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उत्तर विधानसभा विधायक पुरन्दर मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और शिक्षकों का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, चरित्र और संस्कारों का निर्माण कर राष्ट्र के भविष्य को आकार देते हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l शिक्षक दिवस के अवसर पर फाफाडीह स्थित स्वामी आत्मानंद शहीद स्मारक उत्कृष्ट विद्यालय में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरन्दर मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को आकार देने वाले शिक्षकों का सम्मान किया और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुरन्दर मिश्रा ने कहा कि शिक्षक समाज के शिल्पकार होते हैं। उनका दायित्व केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम का ज्ञान देना नहीं है, बल्कि उनके व्यक्तित्व, चरित्र और सोच को सकारात्मक दिशा देना भी है। शिक्षक अपने संस्कार, अनुशासन, समर्पण और अनुभव के माध्यम से विद्यार्थियों को जीवन की विभिन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करते हैं। उनके द्वारा दी गई सीख विद्यार्थी के जीवन में लंबे समय तक मार्गदर्शन का काम करती है।
विधायक ने कहा कि राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव विद्यालयों में रखी जाती है और इस नींव को मजबूत बनाने में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। वर्तमान समय के विद्यार्थी ही भविष्य में देश और समाज का नेतृत्व करेंगे। ऐसे में उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार, अनुशासन, जिम्मेदारी और सामाजिक मूल्यों की जानकारी देना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षक का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और शिक्षक के मार्गदर्शन से विद्यार्थी अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का रास्ता तय करते हैं।
पुरन्दर मिश्रा ने शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि समाज और राष्ट्र के भविष्य को संवारने में प्रत्येक समर्पित शिक्षक का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने विद्यार्थियों से भी अपील की कि वे अपने शिक्षकों का सदैव सम्मान करें और उनके मार्गदर्शन को अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि गुरु के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना विद्यार्थियों के संस्कारों को मजबूत करती है।
समारोह के दौरान शिक्षकों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करने के साथ-साथ विद्यार्थियों में गुरु के प्रति आदर और कृतज्ञता की भावना को मजबूत करना भी रहा। समारोह में विद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और शिक्षक दिवस के महत्व को समझते हुए अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
कार्यक्रम में रोटरी क्लब ऑफ रायपुर रॉयल के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल सहित क्लब के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। विद्यालय समिति के अध्यक्ष संजय जोशी, नेहा राठौड़, रजनीश पात्रा और सोनू कुरैशी सहित विद्यालय के शिक्षकगण एवं विद्यार्थी भी समारोह में उपस्थित रहे।
समारोह में शिक्षकों के सम्मान के साथ शिक्षा और संस्कार के महत्व पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि एक शिक्षक की भूमिका कक्षा तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वह विद्यार्थियों के भविष्य को दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। शिक्षक विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ आत्मविश्वास, अनुशासन, जिम्मेदारी और सामाजिक सरोकार की भावना विकसित करते हैं। शिक्षक दिवस का यह आयोजन इसी भावना को सम्मान देने का अवसर बना।