शिक्षक पूरी पीढ़ी के चरित्र और सोच के निर्माता, 21 उत्कृष्ट शिक्षकों का हुआ सम्मान

शिक्षक दिवस के अवसर पर बलरामपुर-रामानुजगंज में आयोजित जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने 21 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने वाले नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र, सोच और भविष्य को आकार देने वाले राष्ट्र निर्माता हैं।

Sep 7, 2026 - 09:54
 0  2
शिक्षक पूरी पीढ़ी के चरित्र और सोच के निर्माता, 21 उत्कृष्ट शिक्षकों का हुआ सम्मान

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l शिक्षक दिवस के अवसर पर बलरामपुर-रामानुजगंज जिला मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम भवन में जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने जिले के 21 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों के योगदान को राष्ट्र निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि वह पूरी पीढ़ी के चरित्र, सोच और व्यक्तित्व का निर्माता होता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षक की भूमिका केवल शिक्षा देने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उनके भविष्य की दिशा तय करने में भी शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

रामविचार नेताम ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देने के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, अनुशासन और अच्छे संस्कारों से भी परिचित कराते हैं। शिक्षकों के मार्गदर्शन से बच्चों में स्वतंत्र सोच विकसित होती है और वे रचनात्मक कार्यों के लिए प्रेरित होते हैं। विद्यार्थियों के भीतर नई चीजें सीखने की जिज्ञासा पैदा करना भी शिक्षक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ज्ञान, संस्कार और सही मार्गदर्शन के माध्यम से शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन को बेहतर दिशा देने का कार्य करते हैं।

मंत्री ने मुख्यमंत्री की मंशानुरूप बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि जिले में प्रयास विद्यालय और नर्सिंग महाविद्यालय की स्थापना की जा रही है। इन संस्थानों के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को बेहतर शिक्षा तथा आगे बढ़ने के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में मजबूत आधार तैयार करना प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक है।

कार्यक्रम में कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की धुरी बताया। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों का मार्गदर्शन इस प्रकार करने का आह्वान किया कि वे शिक्षा के साथ संस्कार और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करें तथा समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन सकें। उन्होंने सम्मानित शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए बधाई दी और अन्य शिक्षकों को भी बेहतर शैक्षणिक कार्य के लिए प्रेरित किया।

समारोह में जिले के 21 उत्कृष्ट शिक्षकों को उनके उल्लेखनीय शैक्षणिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। ज्ञानदीप पुरस्कार से श्याम सुंदर चौरगे, शिक्षक शासकीय माध्यमिक शाला कोरवापारा, राजपुर, नीलीमा एक्का, शिक्षिका शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डौरा और जवाहर लाल पैकरा, प्रधान पाठक शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चिरई, शंकरगढ़ को सम्मानित किया गया। इसके अलावा जिले के विभिन्न विकासखंडों के 18 शिक्षकों को उत्कृष्ट शैक्षणिक सेवाओं के लिए शिक्षादूत पुरस्कार प्रदान किया गया।

समारोह में पुष्पा नेताम, बबली देवी, दिलीप सोनी, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी उपस्थित रहे। सम्मान समारोह ने शिक्षकों के प्रति समाज में सम्मान और कृतज्ञता की भावना को मजबूत करने के साथ शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया।