नकटी बस्ती पहुंचे एजाज ढेबर, प्रभावित परिवारों को बांटी राहत सामग्री
रायपुर के माना थाना क्षेत्र स्थित नकटी बस्ती में पहुंचे पूर्व महापौर एजाज ढेबर और अंजुमन एजाज ढेबर ने प्रभावित परिवारों को खाद्यान सामग्री और पेयजल उपलब्ध कराया। इस दौरान लोगों ने अपनी समस्याएं साझा कीं। वहीं, कुछ स्थानीय लोगों ने सेक्टर-30 में पुनर्वासित परिवारों पर पुलिस निगरानी होने का आरोप लगाया, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी।
UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l माना थाना क्षेत्र स्थित नकटी बस्ती में प्रभावित परिवारों के बीच शुक्रवार को रायपुर नगर निगम के पूर्व महापौर एजाज ढेबर और अंजुमन एजाज ढेबर पहुंचे। उन्होंने बस्ती में रह रहे लोगों को खाद्यान सामग्री और पेयजल उपलब्ध कराया तथा प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
राहत वितरण के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने एजाज ढेबर से मुलाकात कर अपनी समस्याएं और परेशानियां साझा कीं। प्रभावित परिवारों ने पुनर्वास, आवास और दैनिक जरूरतों से जुड़ी विभिन्न कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की। एजाज ढेबर ने लोगों की बातें सुनने के बाद कहा कि वे उनकी समस्याओं को संबंधित स्तर तक पहुंचाने और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान राहत सामग्री के साथ पेयजल की व्यवस्था भी की गई, ताकि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत मिल सके। इस अवसर पर कई स्थानीय लोग और कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
इधर, नकटी बस्ती क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी भी बनी रही। जानकारी के अनुसार पुलिस महिला और पुरुष बल के साथ तीन बसों में मौके पर पहुंची थी। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि मीडिया प्रतिनिधियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के कारण उस समय किसी प्रकार की हटाने संबंधी कार्रवाई नहीं की गई।
इस बीच कुछ स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि जिन परिवारों को सेक्टर-30 स्थित पुनर्वास स्थल पर स्थानांतरित किया गया है, वहां पुलिस की कड़ी निगरानी रखी जा रही है और लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध जैसा माहौल है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और इस संबंध में प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि नकटी बस्ती में हाल ही में प्रशासनिक कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन का कहना है कि पात्र परिवारों को वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि प्रभावित लोगों का एक वर्ग पुनर्वास व्यवस्था और अन्य सुविधाओं को लेकर लगातार अपनी मांगें उठा रहा है।
नकटी बस्ती का मामला अब सामाजिक और राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। विभिन्न जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुन रहे हैं। दूसरी ओर प्रशासन पुनर्वास प्रक्रिया को नियमानुसार आगे बढ़ाने की बात कह रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले में प्रशासन और प्रभावित परिवारों के बीच संवाद तथा आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।