हनुमंत वाटिका के बाद अब शिव वाटिका से संवरेगा कवर्धा, 2.50 करोड़ की लागत से होगा निर्माण

कवर्धा शहर के सौंदर्यीकरण को नई दिशा देने के लिए जिला अस्पताल के सामने रिक्त शासकीय भूमि पर 2 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से भव्य शिव वाटिका विकसित करने की योजना है। वाटिका में हरियाली, पाथवे, पुष्प सज्जा, बैठने की व्यवस्था, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, बच्चों के झूले और ओपन जिम जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह स्थान धार्मिक आस्था के साथ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य, सुकून और मनोरंजन का केंद्र बनाने की योजना है।

Aug 8, 2026 - 15:28
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हनुमंत वाटिका के बाद अब शिव वाटिका से संवरेगा कवर्धा, 2.50 करोड़ की लागत से होगा निर्माण

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कवर्धा शहर के सौंदर्यीकरण और नागरिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। हनुमंत वाटिका के बाद अब जिला अस्पताल के सामने स्थित रिक्त शासकीय भूमि पर भव्य शिव वाटिका विकसित करने की योजना है। प्रस्तावित वाटिका के निर्माण के लिए करीब 2 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत का अनुमान है और राशि की मांग को लेकर शासन को प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है।

भगवान शिव की आस्था को केंद्र में रखकर विकसित की जाने वाली यह वाटिका कवर्धा शहर के सौंदर्यीकरण के साथ धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण को भी बढ़ावा देगी। योजना के अनुसार वाटिका को आकर्षक और व्यवस्थित स्वरूप दिया जाएगा, ताकि यह शहरवासियों के लिए शांति, हरियाली और सकारात्मक वातावरण का प्रमुख केंद्र बन सके।

नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी के नेतृत्व में नगर पालिका परिषद द्वारा शहर के प्रमुख स्थानों के कायाकल्प और सौंदर्यीकरण की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में शिव वाटिका को विकसित करने की योजना तैयार की गई है। वाटिका में हरियाली के साथ सुंदर पाथवे, पुष्प सज्जा, नागरिकों के बैठने की व्यवस्था, आकर्षक विद्युत प्रकाश, बच्चों के लिए झूले और ओपन जिम जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

शिव वाटिका को केवल धार्मिक स्थल या उद्यान तक सीमित रखने के बजाय नागरिकों के लिए उपयोगी सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करने की बात कही गई है। सुबह और शाम शहरवासी यहां टहल सकेंगे, बैठ सकेंगे और हरियाली के बीच समय बिता सकेंगे। वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों के लिए भी यह स्थान उपयोगी बनाने का प्रयास किया जाएगा।

कवर्धा की पहचान धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी के रूप में भी रही है। भोरमदेव मंदिर और बूढ़ामहादेव सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों से जुड़ी आस्था को देखते हुए भगवान शिव के नाम पर विकसित होने वाली यह वाटिका शहर के धार्मिक वातावरण और सौंदर्यीकरण को नई दिशा दे सकती है।

नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी के अनुसार कवर्धा की पहचान केवल विकास और सुंदरता तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि शहर की संस्कृति, धार्मिक आस्था, हरियाली और नागरिक सुविधाएं भी इसकी पहचान का हिस्सा बनें। इसी उद्देश्य से ऐसे सार्वजनिक स्थान विकसित किए जा रहे हैं, जहां लोगों को बेहतर वातावरण के साथ आध्यात्मिक जुड़ाव भी महसूस हो।

शिव वाटिका का निर्माण उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा की मंशा के अनुरूप शहर के समग्र विकास और सौंदर्यीकरण की दिशा में एक और कदम बताया जा रहा है। हनुमंत वाटिका के बाद शिव वाटिका की योजना से कवर्धा में हरियाली, धार्मिक आस्था और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।