मैनपुर में मितानिनों की समीक्षा बैठक, मौसमी बीमारियों की रोकथाम पर दिया गया जोर
गरियाबंद जिले के मैनपुर में आयोजित मितानिन ब्लॉक समीक्षा बैठक में मलेरिया, डेंगू, डायरिया और वायरल बुखार की रोकथाम, दवाइयों की उपलब्धता तथा ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर चर्चा की गई।
UNITED NEWS OF ASIA. राधे पटेल. गरियाबंद l जिले के मैनपुर में मितानिन ब्लॉक की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें बारिश के मौसम के दौरान फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम, आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और मितानिनों ने भाग लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया।
बैठक के दौरान जिला समन्वयक चंद्रकांता साहू ने सभी मितानिनों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में मलेरिया, डायरिया, डेंगू और वायरल बुखार जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में मितानिनों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से कहा कि वे गांवों में नियमित निगरानी रखें और बीमारी के संभावित मामलों की जानकारी तत्काल स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचाएं।
बैठक में ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर भी विशेष जोर दिया गया। मितानिनों को निर्देश दिए गए कि वे लोगों को साफ पेयजल के उपयोग, घर और आसपास की सफाई बनाए रखने तथा मच्छरों से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करें। साथ ही घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए भी ग्रामीणों को प्रेरित करने को कहा गया।
स्वास्थ्य विभाग ने आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता और उनके समय पर वितरण की व्यवस्था की भी समीक्षा की। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की दवा की कमी नहीं होनी चाहिए। मितानिनों को दवाइयों के सही उपयोग, वितरण और रिकॉर्ड संधारण के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
बैठक में यह भी चर्चा की गई कि यदि किसी गांव में संक्रामक बीमारी के लक्षण दिखाई दें तो तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचना देकर आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही संदिग्ध मरीजों की पहचान कर उन्हें समय पर स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी मितानिनों को निभाने के लिए कहा गया।
जिला समन्वयक ने कहा कि मितानिनें ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी सक्रियता से कई बीमारियों की रोकथाम समय रहते संभव हो सकती है। उन्होंने सभी मितानिनों से गांव-गांव जाकर स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाने और लोगों को बीमारी से बचाव के उपायों की जानकारी देने का आह्वान किया।
बैठक के अंत में सभी मितानिनों ने स्वास्थ्य विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का संकल्प लिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बारिश के मौसम में स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना करने के लिए वे पूरी जिम्मेदारी और सक्रियता के साथ कार्य करेंगी। स्वास्थ्य विभाग ने भी आश्वासन दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक संसाधनों, दवाइयों और तकनीकी सहयोग की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि प्रत्येक गांव तक बेहतर और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें।