अडानी कोरबा पावर विस्तार परियोजना का विरोध, युवा कांग्रेस नेता पवन विश्वकर्मा ने जनसुनवाई रोकने की मांग उठाई

अडानी कोरबा पावर लिमिटेड की 800 मेगावाट विस्तार परियोजना के विरोध में युवा कांग्रेस नेता पवन विश्वकर्मा ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर 27 फरवरी की प्रस्तावित जनसुनवाई पर रोक लगाने की मांग की है।

Feb 11, 2026 - 20:11
Feb 11, 2026 - 20:13
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अडानी कोरबा पावर विस्तार परियोजना का विरोध, युवा कांग्रेस नेता पवन विश्वकर्मा ने जनसुनवाई रोकने की मांग उठाई

UNITED NEWS OF ASIA. हितेश पाण्डेय, कोरबा। जिले के ग्राम पताडी स्थित अडानी कोरबा पावर लिमिटेड की प्रस्तावित विस्तार परियोजना को लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। युवा कांग्रेस नेता पवन विश्वकर्मा ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर 27 फरवरी को प्रस्तावित जनसुनवाई पर रोक लगाने की मांग की है।

युवा कांग्रेस नेता पवन विश्वकर्मा ने विस्तार परियोजना के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि वर्ष 2011 से अब तक कंपनी प्रबंधन द्वारा जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई, उन्हें स्थायी रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भू-विस्थापित परिवार आज भी नौकरी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, जिससे क्षेत्र में असंतोष और जन आक्रोश की स्थिति बन रही है।

पवन विश्वकर्मा ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में 15 प्रमुख बिंदुओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कंपनी द्वारा लगभग 1700 एकड़ भूमि अधिग्रहित किए जाने के बावजूद स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर नहीं दिए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संयंत्र से निकलने वाली राख और रासायनिक उत्सर्जन के कारण आसपास के किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं और भूमि की उर्वरता भी घट रही है।

युवा कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि संयंत्र से प्रभावित स्थानीय बेरोजगारों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से भी रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि 800 मेगावाट क्षमता वाली इकाई क्रमांक 5 और 6 के विस्तार की प्रक्रिया पूरी किए बिना विस्तार संयंत्र का कार्य प्रारंभ कैसे किया जा सकता है।

पवन विश्वकर्मा ने स्पष्ट रूप से कहा कि बिना स्थानीय ग्रामीणों की सहमति के किसी भी प्रकार का विस्तार कार्य नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पहले भू-विस्थापितों की समस्याओं का समाधान किया जाए और इसके बाद ही परियोजना से संबंधित किसी भी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए।

इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और अब प्रशासन के रुख पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।