केरल के त्रिपुनिथुरा संस्कृत कॉलेज में ABVP की जीत, छह प्रमुख पदों पर दर्ज किया कब्जा
केरल के त्रिपुनिथुरा स्थित गवर्नमेंट संस्कृत कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव में ABVP ने छह प्रमुख पदों पर जीत दर्ज की। कॉलेज में लंबे समय से SFI का प्रभाव रहा है। ABVP की जीत के बाद केरल की कैंपस राजनीति में इस चुनाव को लेकर चर्चा तेज हुई है। इससे पहले दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में भी ABVP ने चार केंद्रीय पदों में से तीन पर जीत हासिल की थी।
UNITED NEWS OF ASIA. केरल के कोच्चि जिले के त्रिपुनिथुरा स्थित गवर्नमेंट संस्कृत कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने छह प्रमुख पदों पर जीत दर्ज की है। इन पदों में चेयरपर्सन, वाइस चेयरपर्सन, जनरल सेक्रेटरी, मैगजीन एडिटर, आर्ट्स क्लब सेक्रेटरी और यूनिवर्सिटी यूनियन काउंसलर शामिल हैं। इस चुनाव के नतीजे के बाद कॉलेज की छात्र राजनीति में ABVP की स्थिति मजबूत हुई है।
त्रिपुनिथुरा का गवर्नमेंट संस्कृत कॉलेज लंबे समय से वामपंथी छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के प्रभाव वाले परिसरों में शामिल रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, SFI का कॉलेज यूनियन पर कई वर्षों तक प्रभाव रहा। पिछले चुनाव में ABVP ने कॉलेज में अपनी स्थिति मजबूत की थी और इस बार छह प्रमुख पदों पर जीत दर्ज की।
चुनाव में Snigdha M Hari ने चेयरपर्सन, Aditya T A ने वाइस चेयरपर्सन, Vignesh Bhatt ने जनरल सेक्रेटरी, Vignesh D ने मैगजीन एडिटर और Anjali T ने आर्ट्स क्लब सेक्रेटरी का पद जीता। Nivedya K N यूनिवर्सिटी यूनियन काउंसलर चुनी गईं। रिपोर्टों में अन्य प्रतिनिधि पदों पर भी ABVP उम्मीदवारों के निर्वाचित होने की जानकारी दी गई है।
नतीजे के बाद ABVP ने इसे कॉलेज की छात्र राजनीति में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। संगठन की ओर से पूर्व छात्रसंघ के कामकाज को लेकर कुछ आरोप भी लगाए गए, जिनमें संस्कृत से जुड़ी गतिविधियों को पर्याप्त बढ़ावा नहीं देने और छात्र निधि के इस्तेमाल से जुड़े सवाल शामिल हैं। ये दावे ABVP की ओर से किए गए हैं और इन्हें संगठन के आकलन के रूप में देखा जाना चाहिए।
त्रिपुनिथुरा के छात्रसंघ चुनाव का नतीजा स्थानीय राजनीतिक घटनाक्रम के बीच आया है। 2025 के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद त्रिपुनिथुरा नगरपालिका में BJP सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी और बाद में उसने नगरपालिका के अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष पद हासिल किए। हालांकि, नगरपालिका चुनाव और कॉलेज छात्रसंघ चुनाव अलग-अलग चुनाव हैं और दोनों के नतीजों को सीधे एक-दूसरे का प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता।
केरल के इस चुनाव से पहले दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव में भी ABVP ने चार केंद्रीय पदों में से तीन पर जीत दर्ज की थी। यश डबास अध्यक्ष, रिया छावड़ी सचिव और लक्ष्य राज सिंह संयुक्त सचिव चुने गए, जबकि उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन विजयी रहे। इस तरह ABVP चार में से तीन केंद्रीय पदों पर सफल रही।
त्रिपुनिथुरा और DUSU के परिणाम अलग-अलग संस्थानों और चुनावी परिस्थितियों में हुए हैं। ऐसे में इनके आधार पर पूरे केरल या देश की छात्र राजनीति के बारे में व्यापक निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। फिलहाल त्रिपुनिथुरा संस्कृत कॉलेज का परिणाम स्थानीय स्तर पर ABVP और SFI के बीच छात्र संगठनात्मक प्रभाव को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।