स्वच्छ कबीरधाम का नया अभियान: लाल डिब्बे में सेनेटरी कचरा, काले में ई-वेस्ट डालने की अपील

कबीरधाम जिले में 15 जुलाई से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 लागू किए जाएंगे। इसके तहत घर-घर संपर्क अभियान चलाकर लोगों को चार रंगों के डस्टबिन में अलग-अलग प्रकार का कचरा डालने के लिए जागरूक किया जा रहा है। 2 अक्टूबर 2026 तक जिले की 60 ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत कचरा पृथक्करण का लक्ष्य रखा गया है।

Jul 11, 2026 - 17:54
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स्वच्छ कबीरधाम का नया अभियान: लाल डिब्बे में सेनेटरी कचरा, काले में ई-वेस्ट डालने की अपील

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। कबीरधाम जिले में स्वच्छता को जनआंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन की तैयारी तेज कर दी गई है। कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देशन में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत जिलेभर में घर-घर संपर्क अभियान चलाकर लोगों को कचरा पृथक्करण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य 2 अक्टूबर 2026 तक जिले की 60 ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सुनिश्चित करना है।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल के मार्गदर्शन में स्वच्छता दीदी, संकुल समन्वयक, विकासखंड समन्वयक और पंचायत सचिव ग्रामीणों को चार रंगों के डस्टबिन के उपयोग की जानकारी दे रहे हैं। 15 जुलाई से जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का पूर्ण रूप से पालन कराया जाएगा।

अभियान के तहत लोगों को बताया जा रहा है कि हरे डस्टबिन में गीला कचरा जैसे सब्जियों और फलों के छिलके, भोजन अवशेष आदि डालें, जिससे वर्मी कम्पोस्ट तैयार किया जा सके। नीले डस्टबिन में कागज, प्लास्टिक, कपड़े और अन्य सूखा कचरा डालने की सलाह दी जा रही है, ताकि उसका पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) किया जा सके।

विशेष रूप से लाल और काले डस्टबिन के महत्व पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासन ने अपील की है कि लाल डस्टबिन में सेनेटरी पैड, डायपर, सुई और अन्य जैव-चिकित्सकीय जोखिम वाले कचरे को अलग रखा जाए, जिससे स्वच्छता कर्मियों और सफाई कर्मचारियों को संक्रमण से बचाया जा सके। वहीं काले डस्टबिन में बैटरी, बल्ब, पेंट, कीटनाशक, एक्सपायरी दवाइयों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक एवं खतरनाक अपशिष्ट रखने की सलाह दी गई है, ताकि मिट्टी, जल स्रोतों और पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाया जा सके।

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कहा कि कचरे को अलग-अलग रखने की आदत न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी है, बल्कि इससे बीमारियों की रोकथाम भी संभव है। उन्होंने कहा कि मिश्रित कचरा फेंकना बीमारी और प्रदूषण को बढ़ावा देना है, इसलिए प्रत्येक परिवार को कचरा पृथक्करण की आदत अपनानी चाहिए।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि यह केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी का आंदोलन है। प्रत्येक परिवार को चार रंगों के डस्टबिन का उपयोग करना होगा। जो परिवार नियमों का पालन नहीं करेंगे या मिश्रित कचरा देंगे, उनके खिलाफ ग्राम पंचायतों द्वारा नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा और संबंधित पंचायत की स्वच्छता रैंकिंग भी प्रभावित होगी।

अभियान को व्यापक बनाने के लिए गांवों में स्वच्छता दीदियां घर-घर जाकर जागरूकता फैलाएंगी। स्कूलों में चित्रकला और निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जबकि धर्मगुरुओं, सामाजिक संगठनों और व्यापारियों की भागीदारी से भी लोगों को कचरा पृथक्करण के लिए प्रेरित किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि जनसहभागिता से ही स्वच्छ और स्वस्थ कबीरधाम का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।