रायपुर में आज सजेगा कवियों का महाकुंभ, ‘मिट्टी के बेटे’ में गूंजेगी राष्ट्रभक्ति की स्वरधारा

राजधानी रायपुर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर आज ‘मिट्टी के बेटे’ राष्ट्रकाव्य महोत्सव का आयोजन होगा। दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में होने वाले इस कार्यक्रम में देश और छत्तीसगढ़ के ख्यातिप्राप्त कवि राष्ट्रभक्ति, वीर रस और सांस्कृतिक चेतना से ओतप्रोत रचनाएं प्रस्तुत करेंगे।

Jul 11, 2026 - 11:14
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रायपुर में आज सजेगा कवियों का महाकुंभ, ‘मिट्टी के बेटे’ में गूंजेगी राष्ट्रभक्ति की स्वरधारा

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर में आज शनिवार, 11 जुलाई को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में भव्य राष्ट्रकाव्य महोत्सव ‘मिट्टी के बेटे’ का आयोजन किया जाएगा। दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में रात्रि 8:30 बजे से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में आयोजित इस काव्य महोत्सव में देश और छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कवि अपनी ओजस्वी प्रस्तुतियों से राष्ट्रभक्ति, संस्कृति और मातृभूमि के गौरव का संदेश देंगे।

आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में देश के चर्चित कवि शशिकांत यादव, राम भदावर और अमित शर्मा अपनी वीर रस की कविताओं से श्रोताओं में राष्ट्रप्रेम का भाव जागृत करेंगे। वहीं छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित कवि देवेन्द्र परिहार, मयंक शर्मा, संस्कार साहू, हीरामणि वैष्णव, नरेंद्र गुप्ता और ईशान शर्मा भी अपनी रचनाओं के माध्यम से साहित्य और सांस्कृतिक चेतना की प्रभावशाली प्रस्तुति देंगे।

आयोजन में प्रदेश के मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी, साहित्यकार, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमियों और नागरिकों के शामिल होने की संभावना है। आयोजकों का उद्देश्य राष्ट्रप्रेम, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक चेतना को साहित्य के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाना है।

कार्यक्रम का आयोजन क्रेडाई के सहयोग तथा अष्ट विनायक रियलिटी के सह-प्रायोजन में किया जा रहा है। आयोजन की तैयारियों में छत्तीसगढ़ राष्ट्रवादी संघ के कार्यकर्ता भी सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। आयोजकों का कहना है कि यह महोत्सव प्रदेश के साहित्यिक आयोजनों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा।

बताया गया कि उप मुख्यमंत्री अरुण साव लंबे समय से छत्तीसगढ़ के कवियों को केंद्र में रखकर एक बड़े काव्य महोत्सव की परिकल्पना कर रहे थे। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर इस योजना को मूर्त रूप दिया गया है। उन्होंने प्रदेश के साहित्य प्रेमियों, युवाओं और नागरिकों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।

कवि सम्मेलन के संयोजक वीरेंद्र दुबे ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रसेवा, अखंड भारत और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक रहा है। उनके विचारों से प्रेरित होकर इस राष्ट्रकाव्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, ताकि कविता के माध्यम से राष्ट्रप्रेम और भारतीय संस्कृति का संदेश समाज तक पहुंचाया जा सके।

आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम में प्रवेश केवल एंट्री पास के माध्यम से होगा। इच्छुक नागरिक आयोजकों द्वारा जारी संपर्क नंबरों पर संपर्क कर निःशुल्क प्रवेश पत्र प्राप्त कर सकते हैं। आयोजन को लेकर साहित्य और संस्कृति से जुड़े लोगों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।