छत्तीसगढ़ में AI से होगी पीएमजीएसवाई सड़कों की निगरानी, हर महीने होगा वीडियो आधारित निरीक्षण

छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की सड़कों के रखरखाव के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निरीक्षण प्रणाली लागू करने का फैसला किया है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अधिकारियों को हर महीने वीडियो आधारित निरीक्षण और पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

Jul 11, 2026 - 11:11
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छत्तीसगढ़ में AI से होगी पीएमजीएसवाई सड़कों की निगरानी, हर महीने होगा वीडियो आधारित निरीक्षण

UNITED NEWS OF ASIA. रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत निर्मित ग्रामीण सड़कों के रखरखाव और गुणवत्ता सुधार के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग करने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था के माध्यम से ग्रामीण सड़कों की नियमित निगरानी, क्षतिग्रस्त हिस्सों की पहचान और समय पर मरम्मत सुनिश्चित की जाएगी। उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने विभागीय अधिकारियों को इस एआई आधारित प्रणाली को जल्द लागू करने के निर्देश दिए हैं।

पीएमजीएसवाई की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि नई प्रणाली के तहत राज्य की प्रत्येक पीएमजीएसवाई सड़क का हर महीने वीडियो आधारित निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए विशेष एआई आधारित मोबाइल एप और डैशबोर्ड तैयार किया गया है। यह तकनीक सड़क पर मौजूद गड्ढों, दरारों, पॉटहोल और अन्य क्षतियों की स्वतः पहचान कर उनका विश्लेषण करेगी।

विजय शर्मा ने कहा कि एआई तकनीक से प्राप्त डेटा के आधार पर सबसे अधिक क्षतिग्रस्त सड़कों की प्राथमिकता तय की जाएगी। इसके बाद आवश्यक बजट और कार्ययोजना बनाकर मरम्मत कार्य तेजी से शुरू कराया जाएगा। उनका कहना है कि इससे सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस नई व्यवस्था का पायलट प्रोजेक्ट तत्काल शुरू किया जाए। इसके तहत प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक-एक चयनित सड़क का एआई आधारित निरीक्षण किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट से प्राप्त परिणामों का विश्लेषण करने के बाद इस तकनीक को पूरे राज्य में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि पारंपरिक निरीक्षण व्यवस्था की तुलना में एआई आधारित प्रणाली अधिक सटीक और पारदर्शी होगी। इससे सड़कों की वास्तविक स्थिति की जानकारी समय पर मिलेगी और किसी भी प्रकार की त्रुटिपूर्ण या भ्रामक रिपोर्ट की संभावना कम होगी। साथ ही समय रहते मरम्मत होने से सड़कों की आयु भी बढ़ेगी और रखरखाव की लागत में भी कमी आएगी।

समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, सचिव भीम सिंह, सचिव धर्मेश साहू, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक तारन प्रकाश सिन्हा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के संचालक अश्वनी देवांगन सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सरकार का यह निर्णय ग्रामीण बुनियादी ढांचे को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एआई आधारित निगरानी प्रणाली लागू होने के बाद सड़क निर्माण और रखरखाव की गुणवत्ता में सुधार होने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और प्रभावी बनने की उम्मीद है।