राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत कृषक प्रशिक्षण एवं आदान सामग्री वितरण कार्यक्रम संपन्न

कवर्धा के कृषि विज्ञान केंद्र में राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण एवं आदान सामग्री वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सिंगारपुर और गांगपुर के 75 किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम में किसानों को उन्नत प्याज किस्मों के बीज वितरित किए गए और वैज्ञानिकों ने प्याज उत्पादन की आधुनिक तकनीक, रोग नियंत्रण और भंडारण उपायों की जानकारी दी।

Nov 8, 2025 - 11:22
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राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत कृषक प्रशिक्षण एवं आदान सामग्री वितरण कार्यक्रम संपन्न

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा । कृषि विज्ञान केन्द्र, कवर्धा में राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण सह आदान सामग्री वितरण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में चयनित ग्राम सिंगारपुर एवं गांगपुर के लगभग 75 कृषक शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी देना और बागवानी फसलों की उत्पादकता बढ़ाने हेतु उन्हें नवीन वैज्ञानिक पद्धतियों से परिचित कराना था।

 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लालाराम साहू ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि किसान खेती को एक व्यवसाय के रूप में अपनाएं और तकनीकी ज्ञान का उपयोग करें, तो कृषि को अधिक लाभप्रद बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज के युग में वैज्ञानिक दृष्टिकोण से खेती करना अत्यंत आवश्यक है ताकि उत्पादकता बढ़े और किसान आत्मनिर्भर बनें।

इस अवसर पर उद्यानिकी वैज्ञानिक डॉ. नानक चंद बंजारा ने किसानों को उन्नत प्याज उत्पादन तकनीक की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बीज उपचार, नर्सरी प्रबंधन, भूमि की तैयारी, खाद एवं उर्वरक प्रबंधन, सिंचाई प्रणाली, खरपतवार नियंत्रण, अंतर्वर्ती क्रियाएँ तथा भंडारण तकनीक पर विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने किसानों को बताया कि सही समय पर सिंचाई, पौधों की देखभाल और कटाई उपरांत उचित प्रसंस्करण से फसल की गुणवत्ता और लाभ दोनों में वृद्धि होती है।

 

वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. बी.पी. त्रिपाठी ने प्याज फसल में रोग एवं कीट प्रबंधन पर व्याख्यान दिया। उन्होंने किसानों को जैविक एवं रासायनिक नियंत्रण के संतुलित उपयोग से फसल की सुरक्षा के व्यावहारिक उपाय बताए।

प्रशिक्षण के दौरान किसानों को उन्नत प्याज किस्में — भीमा शक्ति और भीमा किरण के बीज वितरण किए गए। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों और कर्मचारियों की उपस्थिति में किसानों के साथ संवाद सत्र आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में किसानों ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से उन्हें नई तकनीकों को समझने और अपने खेतों में अपनाने की प्रेरणा मिलती है। इससे कृषि क्षेत्र में नवाचार और उत्पादन वृद्धि को गति मिलेगी।