दंतेवाड़ा में भाजपा जिला अध्यक्ष द्वारा पत्रकार को धमकी, दक्षिण बस्तर के पत्रकारों में आक्रोश

दंतेवाड़ा में भाजपा जिला अध्यक्ष द्वारा पत्रकार को धमकी देने का मामला सामने आया है। पत्रकार ने भाजपा पदाधिकारी के करीबी के अवैध अतिक्रमण पर खबर प्रकाशित की थी, जिसके बाद उसे धमकियां मिलने लगीं। दक्षिण बस्तर के पत्रकारों ने इस घटना के विरोध में बैठक कर कलेक्टर, एसपी और भाजपा संगठन को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन किया जाएगा।

Nov 8, 2025 - 11:32
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दंतेवाड़ा में भाजपा जिला अध्यक्ष द्वारा पत्रकार को धमकी, दक्षिण बस्तर के पत्रकारों में आक्रोश

UNITED NEWS OF ASIA. आसीन पाल, दंतेवाड़ा । दक्षिण बस्तर में पत्रकारिता करना किसी दोधारी तलवार पर चलने जैसा है। सत्ता से जुड़े मामलों पर खबर लिखना कई बार पत्रकारों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होता है। ऐसा ही एक मामला दंतेवाड़ा में सामने आया है, जहां भाजपा जिला अध्यक्ष संतोष गुप्ता द्वारा एक पत्रकार को धमकी देने का आरोप लगा है।

 

जानकारी के अनुसार, एक मीडिया हाउस से जुड़े पत्रकार लोकेश शर्मा ने भाजपा जिला अध्यक्ष के करीबियों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण पर समाचार प्रकाशित किया था। इस खबर के बाद भाजपा जिला अध्यक्ष द्वारा पत्रकार को एफआईआर करवाने की धमकी दी गई। घटना के बाद जिले के पत्रकारों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

शुक्रवार को दक्षिण बस्तर पत्रकार संघ की एक आपात बैठक दंतेवाड़ा सर्किट हाउस में आयोजित की गई, जिसमें संघ के अध्यक्ष बप्पीराय, वरिष्ठ पत्रकार यशवंत यादव, विनोद सिंह सहित दर्जनों पत्रकार उपस्थित रहे। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग प्रशासन से की जाएगी।

 

पत्रकारों ने बैठक के उपरांत कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को संयुक्त रूप से पत्र सौंपा, जिसमें अवैध अतिक्रमण की जांच कर हटाने और भाजपा जिला अध्यक्ष द्वारा दी गई धमकी पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही, पत्रकारों ने भाजपा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखकर घटना की जानकारी दी और कार्रवाई का अनुरोध किया है।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि पत्रकारों को धमकाना लोकतांत्रिक व्यवस्था और प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे।

दक्षिण बस्तर के पत्रकारों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि जिले में कार्यरत सभी पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।

यह प्रकरण न केवल दंतेवाड़ा बल्कि पूरे प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर गंभीर सवाल खड़ा करता है।