समाधान समारोह 2026 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी, 31 जुलाई तक कर सकेंगे पंजीयन
उच्चतम न्यायालय द्वारा आयोजित समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026 में मामलों को शामिल करने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी गई है। सर्वोच्च न्यायालय में लंबित सुलह योग्य मामलों का निपटारा 21 से 23 अगस्त 2026 तक आयोजित विशेष लोक अदालत में किया जाएगा।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l न्याय को अधिक सरल, सुलभ और जनहितकारी बनाने की दिशा में उच्चतम न्यायालय द्वारा आयोजित किए जा रहे समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026 के तहत मामलों को शामिल कराने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 जुलाई 2026 कर दी गई है। यह पहल सर्वोच्च न्यायालय में लंबित उन मामलों के त्वरित और सौहार्दपूर्ण निराकरण के लिए की जा रही है, जिन्हें आपसी सहमति और सुलह के माध्यम से निपटाया जा सकता है।
समाधान समारोह का शुभारंभ 21 अप्रैल 2026 से किया गया है और इसकी परिणति 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित सर्वोच्च न्यायालय परिसर में आयोजित विशेष लोक अदालत के रूप में होगी। इस विशेष लोक अदालत में केवल सर्वोच्च न्यायालय में लंबित ऐसे मामलों को शामिल किया जाएगा, जिनका निपटारा दोनों पक्षों की सहमति से संभव है।
इस अभियान के अंतर्गत पक्षकारों के बीच सुलह और समझौते की प्रक्रिया को बढ़ावा देने के लिए राज्य, जिला, तहसील और उच्च न्यायालय स्तर पर स्थित मध्यस्थता केंद्रों में लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं। प्रशिक्षित मध्यस्थों और विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों की सहायता से पक्षकारों को विवादों का शांतिपूर्ण समाधान खोजने में मदद दी जा रही है।
समाधान समारोह का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम करना और पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत दिलाना है। इस विशेष लोक अदालत में पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, चेक बाउंस मामले, भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रकरण, श्रम विवाद तथा आपराधिक सुलहनीय मामलों जैसे विवादों को शामिल किया जा सकता है।
विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पक्षकारों को सुलह बैठकों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। इन बैठकों में पक्षकार स्वयं उपस्थित हो सकते हैं या ऑनलाइन माध्यम से भी जुड़ सकते हैं। इससे दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी सुविधा मिल रही है।
सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों को समाधान समारोह में शामिल करने के लिए ऑनलाइन गूगल फॉर्म उपलब्ध कराया गया है। इच्छुक पक्षकार या उनके अधिवक्ता निर्धारित फॉर्म भरकर अपने मामले को विशेष लोक अदालत के लिए प्रस्तावित कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया को सरल और सहज बनाया गया है ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
विधिक विशेषज्ञों का मानना है कि समाधान समारोह जैसे प्रयास न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे समय, धन और ऊर्जा की बचत होती है तथा पक्षकारों के बीच आपसी संबंध भी बेहतर बने रहते हैं।
उच्चतम न्यायालय ने अधिवक्ताओं, वादकारियों और सभी संबंधित पक्षों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की है ताकि अधिक से अधिक मामलों का सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जा सके और न्याय को लोगों तक सरल तरीके से पहुंचाया जा सके।