रेंगाखार में निःशुल्क सोनोग्राफी शिविर, 82 गर्भवती महिलाओं सहित 104 ग्रामीणों को मिला स्वास्थ्य लाभ

कबीरधाम जिले के वनांचल क्षेत्र रेंगाखार में आयोजित निःशुल्क सोनोग्राफी एवं स्वास्थ्य जांच शिविर में 82 गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी की गई, जबकि 104 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। शिविर के माध्यम से हाई-रिस्क गर्भावस्थाओं की पहचान कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

Jul 13, 2026 - 18:08
 0  5
रेंगाखार में निःशुल्क सोनोग्राफी शिविर, 82 गर्भवती महिलाओं सहित 104 ग्रामीणों को मिला स्वास्थ्य लाभ

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l कबीरधाम जिले के वनांचल क्षेत्र रेंगाखार में दूरस्थ ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निःशुल्क सोनोग्राफी एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर आयोजित इस शिविर में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच को प्राथमिकता देते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेंगाखार में आयोजित शिविर के दौरान 82 गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क सोनोग्राफी की गई। जांच के दौरान संभावित हाई-रिस्क गर्भावस्थाओं की समय रहते पहचान कर संबंधित महिलाओं को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया गया। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार, एनीमिया की रोकथाम, नियमित जांच और संस्थागत प्रसव के महत्व के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई।

शिविर में गर्भवती महिलाओं के अलावा 104 ग्रामीणों का सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराईं और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपने गांव के समीप ही विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सका।

इस स्वास्थ्य शिविर का लाभ रेंगाखार और चिल्फी सेक्टर के कई वनांचल गांवों के लोगों ने उठाया। रेंगाखार सेक्टर के खारा, रेंगाखार, समनापुर, बहमनी, लोहारडीह, बांदाटोला और निवासपुर सहित चिल्फी सेक्टर के शीतलपानी एवं आसपास के गांवों की गर्भवती महिलाएं और ग्रामीण बड़ी संख्या में शिविर में पहुंचे। इन क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच कठिन होने के कारण ऐसे शिविर ग्रामीणों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रहे हैं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी देवेंद्र तूरे ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए भविष्य में भी इस तरह के शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि प्रत्येक गर्भवती महिला की समय पर जांच और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया जा सके।

बीएमओ पुरुषोत्तम राजपूत ने बताया कि सोनोग्राफी के माध्यम से गर्भस्थ शिशु के विकास की निगरानी, संभावित प्रसव तिथि की पुष्टि, प्लेसेंटा की स्थिति, एम्नियोटिक द्रव की जांच तथा जन्मजात विकृतियों और अन्य जटिलताओं का समय रहते पता लगाया जा सकता है। इससे हाई-रिस्क गर्भावस्थाओं का समय पर उपचार संभव होता है और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने में सहायता मिलती है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उनके निकट उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलता रहे। वहीं शिविर से लाभान्वित ग्रामीणों ने इस पहल के लिए स्वास्थ्य विभाग और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।