बोरियाखुर्द में अवैध प्लाटिंग पर नगर निगम की कार्रवाई, मुरम रोड और नींव तोड़कर लगाई रोक

रायपुर नगर निगम के जोन-10 ने बोरियाखुर्द नहर रोड स्थित लगभग पांच एकड़ निजी भूमि पर दोबारा की जा रही अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई की। निगम ने जेसीबी से अवैध मुरम रोड और नींव तोड़कर निर्माण पर रोक लगा दी। भूमि स्वामी की जानकारी मिलने के बाद संबंधित लोगों पर एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।

Jul 14, 2026 - 12:34
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बोरियाखुर्द में अवैध प्लाटिंग पर नगर निगम की कार्रवाई, मुरम रोड और नींव तोड़कर लगाई रोक

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ नगर निगम का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में नगर निगम के जोन-10 नगर निवेश विभाग ने बोरियाखुर्द नहर रोड स्थित लगभग पांच एकड़ निजी भूमि पर दोबारा की जा रही अवैध प्लाटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीन की सहायता से अवैध रूप से बनाई गई मुरम सड़क को काट दिया तथा निर्माण के लिए तैयार की गई नींव को भी तोड़कर प्लाटिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी।

यह कार्रवाई नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर जोन-10 के जोन कमिश्नर मोनेश्वर शर्मा के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई के दौरान कार्यपालन अभियंता गजाराम कंवर, सहायक अभियंता सुशील अहीर, उप अभियंता नवीन वर्मा सहित नगर निवेश विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही।

नगर निगम के अनुसार बोरियाखुर्द नहर रोड पर लगभग पांच एकड़ निजी भूमि पर बिना वैधानिक अनुमति के दोबारा अवैध प्लाटिंग किए जाने की सूचना मिली थी। शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण किया, जहां अवैध रूप से मुरम बिछाकर सड़क बनाई गई थी और प्लॉट विकसित करने के लिए नींव तैयार की जा रही थी।

निरीक्षण के बाद निगम की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जेसीबी मशीन से अवैध मुरम सड़क को काट दिया, जिससे प्लाटिंग क्षेत्र तक पहुंचने का रास्ता अवरुद्ध हो गया। इसके साथ ही अवैध निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही नींव को भी ध्वस्त कर दिया गया, ताकि आगे किसी प्रकार का निर्माण कार्य न हो सके।

नगर निगम ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह अवैध प्लाटिंग अज्ञात व्यक्तियों द्वारा कराई जा रही थी। वास्तविक भूमि स्वामी की पहचान के लिए जोन-10 नगर निवेश विभाग ने रायपुर तहसीलदार को पत्र भेजकर संबंधित भूमि के स्वामित्व की जानकारी मांगी है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तहसील कार्यालय से भूमि स्वामी की आधिकारिक जानकारी प्राप्त होने के बाद संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध राज्य शासन के प्रावधानों के अनुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अवैध प्लाटिंग कराने वालों के खिलाफ संबंधित पुलिस थाने में नामजद एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।

नगर निगम प्रशासन ने कहा कि शहर में अवैध कॉलोनियों और बिना अनुमति की जा रही प्लाटिंग पर पूरी सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी। बिना स्वीकृति के भूमि का विकास करने या प्लॉट बेचने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

निगम ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी भूखंड या प्लॉट की खरीद से पहले उसकी वैधानिक स्वीकृतियों की जांच अवश्य करें। अवैध प्लाटिंग में निवेश करने से आर्थिक नुकसान और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। नगर निगम ने स्पष्ट किया कि राजधानी में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने और अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।