8 हत्याओं का सनसनीखेज खुलासा, गांव का ही व्यक्ति निकला ‘साइको किलर’

बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र के खर्वे गांव में पिछले चार महीनों में हुई आठ संदिग्ध मौतों की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। जांच में गांव का निवासी रामसहाय जायसवाल ही कथित तौर पर सिलसिलेवार हत्याओं का आरोपी निकला, जिसने शराब में जहर मिलाकर अपने परिचितों को निशाना बनाया।

Jun 24, 2026 - 10:28
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8 हत्याओं का सनसनीखेज खुलासा, गांव का ही व्यक्ति निकला ‘साइको किलर’

UNITED NEWS OF ASIA. बलौदाबाजार l कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम खर्वे में पिछले चार महीनों के दौरान हुई आठ संदिग्ध मौतों के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। गहन जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने गांव के ही निवासी रामसहाय जायसवाल को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पुरानी रंजिश, व्यक्तिगत विवाद और मानसिक कुंठा के चलते अपने परिचितों को कथित रूप से जहर देकर मौत के घाट उतारा।

मामले की शुरुआत तब हुई जब 6 जून 2026 को ग्राम खर्वे के ग्रामीणों ने एसडीओपी कसडोल को आवेदन देकर फरवरी से मई 2026 के बीच हुई आठ संदिग्ध मौतों की जांच की मांग की। ग्रामीणों ने इन घटनाओं के पीछे रामसहाय जायसवाल पर संदेह व्यक्त किया था। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की।

जांच के दौरान सात मृतकों के शवों का उत्खनन कर पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए रायपुर भेजा गया। एक मृतक का अंतिम संस्कार पहले ही परिजनों द्वारा कर दिया गया था। पुलिस ने गांव के लोगों से पूछताछ, तकनीकी साक्ष्य और अन्य जानकारियों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।

पुलिस के अनुसार जांच में पता चला कि आरोपी ने चूहे मारने की दवा के नाम पर सुहागा (विषैला पदार्थ) प्राप्त किया था। पूछताछ के दौरान प्रारंभ में आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया, लेकिन सघन पूछताछ और साक्ष्यों के सामने आने के बाद उसने अपराध स्वीकार कर लिया।

पुलिस का दावा है कि आरोपी ने सबसे पहले एक कुत्ते पर विषैले पदार्थ का परीक्षण किया था। इसके बाद उसने गांव के विभिन्न लोगों को शराब में कथित रूप से जहर मिलाकर पिलाया। आरोपी ने जिन लोगों को निशाना बनाया, उनमें अधिकांश उसके परिचित थे और उनके साथ किसी न किसी प्रकार का पुराना विवाद, लेन-देन, गाली-गलौज या अन्य व्यक्तिगत कारण जुड़े हुए थे।

जांच में सामने आया कि फरवरी से मई 2026 के बीच आठ लोगों की मौत इसी तरीके से हुई। इसके अलावा एक अन्य व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने पर उसे समय पर उपचार मिल गया, जिससे उसकी जान बच गई। इस मामले को पुलिस ने हत्या के प्रयास के रूप में दर्ज किया है।

पुलिस के अनुसार आरोपी इतना चालाक था कि किसी को उस पर संदेह न हो, इसलिए वह खुद बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाने, अंतिम संस्कार और अन्य कार्यों में भी शामिल होता था। इससे ग्रामीणों को उस पर शक नहीं हुआ।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आठ हत्या और एक हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना जारी है तथा फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस बहुचर्चित मामले का खुलासा पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।